उधमपुर/जिब। मनरेगा के तहत काम करने वाले पंचायत डबरैह के मजदूर दो सालों से पारिश्रमिक के लिए दरबदर हो रहे हैं। लेकिन उन्हें आज तक मेहनताना नहीं मिला है।
उनका कहना है कि वह सबंधित विभाग से लेकर बैंक के चक्कर लगा-लगा कर थक चुके हैं, लेकिन अभी भी उन्हें मेहनताना मिलने की आस नजर नहीं आ रही है। विभाग अधिकारी बैंक में भेज देते हैं, जबकि बैंक कर्मचारी विभाग के पास। यह सिलसिला दो साल से जारी है। इससे उनके पैसों और समय का नुकसान हो रहा है। साथ ही मानसिक तौर पर भी काफी परेशानी उठानी पड़ी है।
पीड़ित गिरधारी लाल, करण सिंह, रामानंद, ओम प्रकाश व दीनदयाल ने बताया कि मजदूरी से ही परिवार चलाते हैं। 2018 में मनरेगा के तहत गांव में काम किया था। विभाग ने पंद्रह दिन के भीतर मजदूरी देने का आश्वासन दिया था, लेकिन दो साल बीतने पर भी मेहनताना नहीं मिल पाया है। बीडीसी चेयरमैन बलवान सिंह को भी समस्या से अवगत करवाया गया है, लेकिन वहां से भी केवल आश्वासन ही मिला है। मजदूरी के पैसे नहीं मिलने के कारण उन्हें काफी समस्या का सामना करना पड रहा है। उम्मीद थी कि बकाया राशि का भुगतान होने से उन्हें राहत मिलेगी। उन्होंने जिला प्रशासन से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग उठाई है।