पंचैरी में करीब तीन सप्ताह पहले सील की गईं दुकानों को खोलने की प्रक्रिया शुरू होने की सूचना मिलने और दुकान के मालिकों द्वारा बार-बार धमकाने के बाद पंचैरी निवासी शनिवार को फिर भड़क गए। इस दौरान तहसील की सभी दुकानें बंद रखीं। गुस्साए लोगों ने रोष रैली निकालने के साथ प्रदर्शन किया। बाद में मांगों से संबंधित एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा, धमकियां मिलने की लिखित शिकायत एसएचओ पंचैरी को दी। पंचैरी में दो बच्चियों के साथ दुष्कर्म के बाद प्रशासन ने पंचैरी की दोनों शराब की दुकानों को सील कर दिया था।
अब बंद की गई शराब की दुकानों के मालिक इनको खोलने के लिए प्रयास करने के साथ विरोध करने वाले स्थानीय निवासियों को अंजाम भुगतने की धमकियां दे रहे हैं। इसी के विरोध में पंचैरी के लोग शनिवार को एक बार फिर से सड़क उतरे और अपना रोष जाहिर किया। रोष रैली और प्रदर्शन में काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। पंचैरी मार्केट से तहसीलदार कार्यालय तक ग्रामीणों ने रोष रैली निकाल कर अपना गुस्सा जताया। इसके बाद सभी पुलिस स्टेशन पहुंचे, जहां सभी ने बंद की शराब की दुकानों के मालिकों के खिलाफ धमकियां देने की लिखित शिकायत दर्ज करवाई।
स्थानीय कुलदीप कुमार, सुरेंद्र सिंह, विजय कुमार, मदन गोपाल, छबीली देवी, बिमला, ललिता देवी ने कहा कि शराब की दुकानों को खोलने के लिए अब दुकानों के मालिकों ने प्रदर्शन करने पर अंजाम भुगतने की धमकियां देना शुरू कर दिया है। बार-बार फोन कर सभी को धमकाया जा रहा है। हालांकि पंचैरी के लोग इससे डरने वाले नहीं हैं, न ही किसी कीमत पर बंद की गई शराब की दुकानों को खुलने देंगे। शराब की दुकानों की वजह से ही दोनों मासूम बच्चियां हैवानियत की हुईं। प्रदर्शन करने वालों का कहना था कि युवाओं और विद्यार्थियों को गलत रास्ता दिखाया जा रहा है। अपनी आंखों के सामने अपने बच्चों की बर्बादी नहीं देख सकते हैं। प्रशासन व सरकार को चेतावनी भी है कि अगर पंचैरी में सील की गई दुकानों को फिर से खोला, तो सड़कों पर उतर कर व्यापक स्तर पर आंदोलन छेड़ने के लिए ग्रामीण मजबूर हो जाएंगे।