- 72 घंटों से अधिकतर इलाके में बिजली-पानी गुल
- लिंक मार्गों में यातायात व्यवस्था की जा रही सुचारू
- प्राकृतिक जल स्रोतों या फिर पानी खरीदने को मजबूर लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। 26 अगस्त की मूसलाधार बारिश की तबाही से जिला तीसरे दिन भी उबर नहीं पाया। लगभग 72 घंटों से शहर के साथ कई इलाकों में बिजली गुल है। जलापूर्ति भी पूरी तरह से ठप है। मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी भी संपूर्ण से बहाल नहीं हो पाई है।
राजमार्ग सहित लिंक मार्गों में यातायात व्यवस्था को बहाल करने में अभी समय लग सकता है। वीरवार को बले ही दिन की शुरूआत खिलखिलाती धूप के साथ हुई हो लेकिन पीड़ित परिवार अपने बिखरे आशियानों को समेटने काफी मुश्किल हो रहा था। पिछले तीन दिनों से कुछ इलाकों को छोड़कर पूरे शहर व जिले के कई इलाकों में बिजली गुल रही। इनमें हाउसिंग कालोनी, त्रिकुटा नगर, ओमाड़ा मोड़, धार रोड आदि शामिल हैं। यहां लोगों को 72 घटों से बिजली के बिना जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है तो वहीं आम आदमी खुद को पूरी दुनिया से कटा हुआ महसूस कर रहा है। न हीं घरों में टीवी की आवाज सुनाई दे रही है और न ही कई इलाकों में मोबाइल से कोई एक दूसरे का हाल पूछ पा रहा है।
72 घंटों से पेयजल की आपूर्ति नहीं
बारिश के कारण तवी व अन्य जल संसाधनों में जलस्तर बढ़ने से जल आपूर्ति से जुड़ी प्रणाली भी पूरी तरह से ठप हो गई है। पिछले तीन दिनों से पानी की सप्लाई नहीं हुई है और ढांचे को पूरी तरह से दुरुस्त करने में अभी समय लग सकता है जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी लाकर लोग अपना गुजारा कर रहे हैं और जल स्रोतों पर लगी लंबी लाइनों की वजह से भी उन्हें काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। कई परिवारों को मजबूरन रोजमर्रा की जरूरत को पूरा करने के लिए पैसों से टैंकर मंगवाकर पानी खरीदना पड़ रहा है।
दूरसंचार सेवाएं की जा रहीं बहाल
जहां आम आदमी बिजली और पानी की मार से जूझ रहा है तो वहीं कई इलाकों में मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी को भी पूर्ण रूप से बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ इलाकों में अभी सिग्नल की कमी की वजह से दिक्कतें आ रही हैं क्योंकि भारी बारिश के कारण जगह-जगह लैंडस्लाइड और पस्सियां आने से दूरसंचार से जुड़े टॉवर्स को भी नुकसान पहुंचा है।
लिंक मार्गों से मलबा हटाने के प्रयास जारी
भारी बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन व बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की वजह से उधमपुर से रामनगर, बसंतगढ़, चिनैनी, सुद्धमहादेव, लाटी, डुडु, पंचैरी, मोंगरी, लांदर सहित धार रोड से लगते कई इलाकों में लिंक मार्गों से मलबा हटाने का काम चल रहा है। भले ही तीन दिन बाद मौसम साफ हो गया है लेकिन लिंक मार्गों सहित धार रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए संपूर्ण रूप से बहाल करने में समय लग सकता है जिसके लिए संबंधित विभाग और एजेंसियों की ओर से युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
फल-सब्जी की उपलब्धता रही कम
वहीं यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की वजह से शहर में सब्जी की किल्लत भी काफी देखने को मिल रही है। न हीं तीन दिनों से बाजार में कोई ताजी सब्जी उपलब्ध हो पा रही है और न ही फल। कुछ विक्रेताओं ने किल्लत के चलते फल सब्जी के दामों में भी दोगुणा बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि वीरवार को मौसम साफ होेने की वजह से फल-सब्जी की उपलब्धता सामान्य होने की उम्मीद है।
आपात सेवाएं बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर हो रहे प्रयास
उधमपुर-रामनगर मार्ग को शाम तक बहाल कर दिया जाएगा जबकि उधमपुर से चिनैनी रूट पर शुक्रवार शाम तक बहाल होने के आसार हैं। शहर में बिजली सप्लाई शुक्रवार शाम तक 90 प्रतिशत दुरुस्त हो जाएगी। मनवाल में टावर गिरने से मनवाल और मजालता इलाके में समय लग सकता है। पानी की किल्लत को दूर करने के लिए पानी के टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं। आपात सेवाओं से जुड़ी सभी टीमें प्रभावित इलाकों में यद्धस्तर पर कार्य कर रही हैं।
- सलोनी राय, डीसी उधमपुर।