बोले- 187 करोड़ खर्च करने के बाद भी नहीं दिखा असर, विभाग दे जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। रात को हुई सीजन की पहली मूसलाधार बारिश से देविका नदी का घाट गाद और गंदगी से पट गया है। साथ ही जलकुुंड भी दूषित हो गए। सुबह शहरवासी जब स्नान और धार्मिक कार्यों के लिए देविका घाट पर पहुंचे, तो स्थिति देख कर काफी परेशान हुए। देविका घाट पर हर जगह गंदगी और गाद जमा होने के कारण चलना भी मुश्किल हो रहा था। जलकुंड दूषित होने के कारण लोग स्नान नहीं कर पाए और धार्मिक अनुष्ठान करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई है। साथ ही कहा कि सरकार ने देविका नदी के संरक्षण के लिए 187 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिसका कहीं भी असर नहीं दिख रहा है।
देविका नदी और जल कुंडों को दूषित होने से बचाने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए हैं। देविका नदी आज भी प्रदूषण का शिकार है। जल कुंड और देविका घाट बारिश होने के दौरान गाद और गंदगी से भर जाते हैं। नगर परिषद के सफाई कर्मियों द्वारा गंदगी को हटवाया जाता है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। क्योंकि, बारिश के बाद फिर वैसे ही हालात हो जाते हैं। इसलिए सरकार और संबंधित विभाग बताए कि देविका नदी के संरक्षण के 187 करोड़ खर्च करने के बाद भी उचित कदम क्यों नहीं उठाए गए हैं। बारिश के दौरान सैरगाह रोड से देविका नदी में गिरने वाली नालियों और गंदगी की रोकथाम नहीं होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बेटी का 10वां था, जिसके चलते धार्मिक अनुष्ठान के लिए देविका घाट पर पहुंचे थे। लेकिन, यहां फैली गाद और गंदगी के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। जल कुंड तक गंदगी से पटे थे, जिससे स्नान या हाथ-मुंह तक धोना मुश्किल हुआ। 187 करोड़ की देविका परियोजना पूरी होने के बाद भी यह दशा देखकर मन काफी व्यथित हुआ है। सरकार से मांग है कि इस पर कड़ा संज्ञान लिया जाए और जरूरी कदम उठाए जाएं।
-भूषण कलोत्रा, शहरवासी
करोड़ों रुपये देविका संरक्षण के नाम पर खर्च करने के बाद भी ऐसी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए और जरूरी कदम उठाने चाहिए, ताकि देविका नदी स्वच्छ बनी रहे। बारिश के दौरान देविका घाट पर बार-बार ऐसी स्थिति काफी चिंताजनक है। बारिश के बाद यहां हवन कुंड तक गाद और गंदगी से भर चुके हैं।
-गीता देवी, शहरवासी
देविका संरक्षण के लिए परियोजना पर काम तो किया गया है, लेकिन जो पैसा स्वच्छता पर खर्च होना चाहिए था वह सीवरेज पर लगा दिया। इस कारण पवित्र देविका नदी आज भी प्रदूषण का शिकार है। बारिश ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। यह आस्था का केंद्र है। इसलिए सरकार और प्रशासन से अपील है कि सियासत से हटकर इसकी स्वच्छता को बनाए रखने के उपायों पर काम किया जाए।
-गुरवचन सिंह, स्थानीय निवासी
बारिश के बाद देविका घाट की ऐसी हालत होना नई बात नहीं है। लेकिन, इसके बाद भी प्रशासन जरूरी कदम नहीं उठा रहा है। सीजन की पहली मूसलाधार बारिश के चलते सुबह देविका घाट पर पहुंचे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। प्रशासन से अपील है कि इस पर ध्यान दिया जाए और ऐसे उपाय किए जाएं, ताकि लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े।
-सुदेश शर्मा, स्थानीय निवासी
सुबह ही सफाई कर्मचारी देविका घाट की सफाई में जुट गए थे। इस तरह के हालात से निपटने के लिए प्रयास जारी हैं। प्रशासन के दिशानिर्देश में नगर परिषद लगातार काम कर रहा है। सीसीटीवी लगाने से लेकर देविका नदी को स्वच्छ रखने के लिए सफाई कर्मियों की विशेष टीम बनाई है। जल्द जमीनी स्तर पर इसके सकारात्मक परिणाम नजर आएंगे। इसके लिए शहरवासी धैर्य रखें और सहयोग दें।
-विशाल सधोत्रा, सीईओ, नगर परिषद