पंचायती राज दिवस आज : राष्ट्रीय ग्रामीण स्वराज योजना के तहत 30 पंचायत घरों का निर्माण जारी
- छह में पंचायत घर बनाने की जगह नहीं
परवेज खान
उधमपुर। पंचायती राज के 10 साल बाद भी जिले की कई पंचायतें बिना घर के चल रही हैं। इस कारण ग्राम पंचायत के कार्यक्रमों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। इससे पंचायतों का काम तक प्रभावित हो रहा है।
सरकार पंचायती राज को मजबूत बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत उधमपुर जिले में सामने आ रही है। जिले में करीब 23 पंचायतें बिना पंचायत घर के चल रहीं हैं। छह पंचायत घर बनाने के लिए जमीन ही नहीं मिल रही है। वहीं, जहां पंचायत घर बने हुए भी है वहां भी मूलभूत सुविधाओं की बहुत कमी है।
जिले की 236 पंचायतों में से मात्र 179 के ही पंचायत घर हैं। 30 पंचायत घरों का निर्माण राष्ट्रीय ग्रामीण स्वराज योजना के तहत जारी है। वहीं, चार पुराने पंचायत घर जो मंजूर हुए थे उनके भी निर्माण कार्य कैपेक्स बजट के तहत करवाए जा रहे हैं। अभी भी जिला में 23 पंचायतों को अपनी छत नसीब नहीं हो पाई है। इनमें से 17 पंचायतों में भवन बनाने की जगह उपलब्ध है, जबकि छह को नहीं। संवाद
पंचैरी और उधमपुर ब्लॉक में कई जगह घरों या स्कूल में लगती हैं पंचायतें
ब्लॉक पंचैरी या ब्लॉक उधमपुर की बात करे तो कुछ ऐसी पंचायतें भी है जहां पर ग्राम पंचायत लोगों के घरों में या फिर किसी सरकारी स्कूलों में लगाई जाती हैं। हालांकि सरकार की ओर से आए दिन बड़े-बड़े दावे किए जाते है, जमीनी हकीकत कुछ और ही है। अभी तक जिला की 23 पंचायतों में पंचायत घर ही नहीं बन पाए है। इतना ही नहीं जिन क्षेत्रों में पंचायत घर हैं उनमें भी किसी की चहारदीवारी नहीं है। कई जगह पानी की समस्या है।
इस संबंध में लगातार ग्रामीण विकास विभाग और जिला प्रशासन को लिखा है। इस मुद्दे को जिला विकास परिषद की बैठक में भी उठाया है। उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष में योजना को मंजूरी मिलेगी। सरकार से मांग है कि इस वर्ष इस पंचायतों के भवन उपलब्ध करवाए जाएं।
जसवीर सिंह, डीडीसी सदस्य, पंचैरी-मोंगरी
विभाग की ओर से जिला में जिन 23 पंचायतों में अभी तक पंचायत घर नहीं बने है उनको प्लान में रखवा दिया है। मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। आचार संहिता के बाद ही और पंचायत घर बनाने का काम शुरू हो पाएगा।
- तनवीर उल माजिद वानी, असिस्टेंट कमिश्नर, पंचायत