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जिब में मौजूद है 27 सौ वर्ष पुराना भगवान का शिव मंदिर

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उधमपुर/जिब। जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर जिब गांव में करीब 2700 वर्ष पुराना भगवान शिव का प्राचीन मंदिर मौजूद है, जहां हर वर्ष महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मेले का आयोजन होता है और हजारों की संख्या में श्रद्धालु मेले में हिस्सा लेकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस मंदिर का निर्माण और शिवलिंग के रूप में आप शंभू की खोज एक ग्वाले ने की थी।
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मंदिर के महंत हेम राज अनुसार जिब इलाके में एक गाय चराने वाला ग्वाला हुआ करता था और उसकी एक गाय दूध नहीं देती थी। उसने गाय का कई प्रकार से उपचार करवाया , लेकिन गाय ने दूध नहीं दिया। एक दिन उसने देखा कि गाय के थन से दूध निकल रहा है और थन के नीचे शिवलिंग पड़ा है। उसको पता नहीं चला कि यह यह भगवान शिव का शिवलिंग है। उसने गाय को हटाने के लिए पत्थर मारा और पत्थर गाय के बजाए शिवलिंग को जा लगा। जिसके बाद शिवलिंग से खून निकलने लगा। उसको समझ आ गया कि यह कोई मामूली पत्थर नहीं है। इसके बाद उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे और शिवलिंग के आगे नतमस्तक हो गया। देखते ही देखते शिवलिंग के अंदर से भगवान शंकर प्रकट हुए और उन्होंने ग्वाले को गले से लगा लिया। इसके बाद ग्वाले ने अपने परिवार को पूरी बात बताई और शिवलिंग के स्थान पर मंदिर का निर्माण किया। करीब 27 सौ वर्ष से यह मंदिर आज भी मौजूद है और ग्वाले की पीढिय़ां मंदिर में महंत का काम करने के साथ सेवा का काम कर रही हैं। हर वर्ष मंदिर में पूजन के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। महाशिवरात्रि के दौरान तो मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
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