जिले में 38 राहत शिविर स्थापित, कई संस्थाएं व समाज सेवी भी कर रहे आर्थिक सहयोग
उधमपुर। जिले में बारिश से हुई तबाही से लोगों को राहत दिलाने के लिए 38 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। इनमे 2,000 से ज्यादा लोगों के रहने की व्यवस्था और उन्हें भोजन व जरूरी सामान मुहैया कराया जा रहा है।
जिला प्रशासन के अनुसार 380 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें से 190 को बहाल कर दिया गया है। डुडु, बसंतगढ़ और मोंगरी के कुछ हिस्सों को छोड़कर सभी इलाकों में संपर्क स्थापित कर दिया गया है। आवश्यक आपूर्ति और नेटवर्क सेवाओं की प्रतिदिन निगरानी की जा रही है।
मौसम में सुधार होने पर सड़क संपर्क को और बहाल करने की योजना भी तैयार की गई। इसके अलावा डीसी सलोनी राय के निर्देश पर गुज्जर बकरवाल छात्रावास में स्थापित राहत शिविर में प्रभावित परिवारों के बच्चों के लिए विशेष कक्षाएं शुरू की गई। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए उधमपुर जिला प्रशासन को राहत सामग्री सौंपी।
एडीसी प्रेम सिंह ने कहा कि बुनियादी ढांचे को बहाल करने, आश्रय प्रदान करने और प्रभावितों को राहत सुनिश्चित करने के लिए ठोस प्रयास जारी हैं। राजस्व टीम ने मेसर्स नितिन गुप्ता फर्म के सहयोग से तहसील उधमपुर के गांव बसन में 51 बाढ़ प्रभावित परिवारों को एक महीने का राशन और तिरपाल और टेंट वितरित किए गए। सामाजिक कार्यकर्ता और नेशनल बुक डिपो उधमपुर के मालिक अरुण गुप्ता ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए उधमपुर की डीसी सलोनी राय को एक लाख रुपये का दान दिया।
डीसी ने इस सहयोग की सराहना की और इसे पीड़ितों के कल्याण के लिए एक सामयिक योगदान बताया। भारतीय सेना के सेवानिवृत्त पूर्व सैनिक यश पॉल ने राहत कार्यों के लिए जिला प्रशासन को एक महीने की पेंशन 41,000 रुपये दान दी है। ब्लॉक रामनगर में कई स्थानों पर मलबा हटाने का कार्य जारी है। चिकित्सा विभाग की ओर से जखैनी में एक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया जहां 30 लाभार्थियों को प्राथमिक चिकित्सा किट वितरित की गईं। प्रतिभागियों को वर्तमान परिस्थितियों में जलजनित रोगों के प्रसार के बारे में भी जागरूक किया गया। संवाद