उधमपुर। सड़क दुर्घटना के एक मामले में अदालत ने पीड़ित पक्ष को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का फैसला सुनाया है।
इस मामले का जम्मू-कश्मीर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के अंतर्गत जिला न्यायालय परिसर में आयोजित एक पूर्व लोक अदालत की ओर से याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादी-बीमाकर्ता के बीच बातचीत और मध्यस्थता के माध्यम से निपटारा किया गया। पक्षकारों ने दावे का निपटारा एक निश्चित राशि पर पूर्ण और अंतिम मुआवजे के रूप में किया है। इसमें पहले से चुकाया गया अंतरिम मुआवजा शामिल था। याचिकाकर्ता पोली देवी के पक्ष में और प्रतिवादी-बीमाकर्ता के विरुद्ध पैसों को लेकर पंचाट पारित किया गया। इसमें बीमाकर्ता को निर्दिष्ट 60 दिनों के भीतर न्यायाधिकरण में 10 लाख रुपये राशि जमा करने के निर्देश दिए गए।
निर्धारित समय के भीतर राशि जमा न करने पर पंचाट की तिथि से प्रति वर्ष एक निश्चित 7.5 प्रतिशत की ब्याज दर तय की गई। दस्तावेज में पक्षकारों, उपस्थित वकीलों और अदालत के सदस्यों के हस्ताक्षर हुए। दस्तावेज पूर्व-लोक अदालत में हुए समझौते का एक औपचारिक रिकॉर्ड है, जिसमें दिए गए मुआवजे और प्रतिवादी-बीमाकर्ता की जिम्मेदारियों का विवरण किया गया। अदालत ने बीमाकर्ता को याचिकाकर्ता को 60 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता को पहले चुकाए गए मुआवजे को शामिल अंतरिम 10 लाख रुपये का मुआवजे का निपटारा करने के निर्देश दिए। संवाद
नगर परिषद सुजानपुर के डोली गांव खोदी गई नाली में एकत्र पानी। जागरूक पाठक।