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Udhampur News: रोजी-रोटी की खातिर बढ़ रही रेहड़ी-फड़ी की संख्या, विकल्प के लिए संघर्ष कर रही नगर परिषद

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उधमपुर। शहर में बिना लाइसेंस रेहड़ी-फड़ी संचालकों की बढ़ती संख्या और उनके लिए उचित स्थान का अभाव गंभीर समस्या बनी है। नगर परिषद के तहत आने वाले 21 वार्डों में लगभग एक हजार से अधिक रेहड़ियां संचालित हो रही हैं। इनमें करीब 700 अवैध हैं। विडंबना यह है कि प्रशासन ने वर्ष 2006 के बाद से किसी भी नए रेहड़ी संचालक को लाइसेंस जारी नहीं किया है। इस कारण बेरोजगार लोग बिना अनुमति के ठेले लगाकर आजीविका चलाने पर मजबूर हैं।
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अव्यवस्थित तरीके से रेहड़ी-फड़ी के संचालन के कारण सलाथिया चौक से रामनगर चौक, गोल मार्केट, टाउन हॉल से बस स्टैंड रोड और मुख्य बस स्टैंड में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। सड़कों पर अतिक्रमण के कारण अक्सर जाम लग जाता है जिससे लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रेहड़ी संचालकों का स्पष्ट कहना है कि उनके पास परिवार पालने का यही एकमात्र साधन है इसलिए प्रशासन उन्हें उजाड़ने के बजाय कोई वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान करे। स्थानीय निवासियों का भी मानना है कि यदि प्रशासन व्यवस्थित रूप से स्थान आवंटित करे तो यातायात की समस्या और रोजगार का समाधान निकल सकता है।
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अवैध रेहड़ियों से लोगों को परेशानी होती है लेकिन लोगों की रोजी-रोटी का भी सवाल है। नगर प्रशासन को तत्काल उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
- जितेंद्र बरमानी, अध्यक्ष, व्यापार मंडल

भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बिना लाइसेंस रेहड़ियां लगाने पर रोक लगनी चाहिए। यदि वार्ड स्तर पर वैध तरीके से स्थान आवंटित किए जाएं तो स्थिति काफी हद तक सुधर सकती है।
-विक्रम सलाथिया, चेयरमैन, व्यापार मंडल

23 मार्च को हुई चर्चा में निर्णय लिया गया था कि संचालकों को अलग-अलग जोन में व्यवस्थित किया जाएगा और नए वैध लाइसेंस जारी होंगे ताकि व्यवसाय कानून के दायरे में हो।
-यशपाल गुप्ता, अध्यक्ष, रेहड़ी यूनियन



जल्द दिखेगा सुधार
नगर परिषद के सीईओ सद्दाम हुसैन ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार की तलाश में शहर आने वाले लोगों को व्यवस्थित करना बड़ी चुनौती है। इसके लिए प्रशासन की ओर से समिति गठित की गई है जो वार्ड स्तर पर चिन्हित स्थानों पर 10 से 15 लोगों को समायोजित करने की योजना पर काम कर रही है। उम्मीद है कि अगले एक महीने के भीतर शहर की व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव दिखेगा। उन्होंने शहरवासियों और रेहड़ी-फड़ी संचालकों से सहयोग करने की अपील की है।
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