उधमपुर में गुरु रविदास मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौजूद महिलाएं।
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उधमपुर। गुरु रविदास मंदिर में रविवार को 28वां महान मानव कल्याण संत सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। इसमें हजारों की संख्या में संगत ने हिस्सा लेकर प्रभु और गुरु की महिमा का गुणगान किया और मंदिर में माथा टेक कर सुख शांति की प्रार्थना की। श्रीश्री 108 स्वामी गुरदीप गिरी विशेष रूप से उपस्थित थे।
सुबह करीब आठ बजे आरती अरदास के साथ संत सम्मेलन का शुभारंभ किया गया। इसके बाद भक्ति संगीत शुरू किया गया, जिसमें बारी बारी से कई श्रद्धालुओं भजनों का गायन करके गुरु की महिमा का गुणगान किया। इसके बाद संतों का कार्यक्रम में पहुंचने पर स्वागत किया गया। स्वामी गुरदीप गिरी ने गुरु रविदास के दोहे सुनाते हुए कहा कि गुरु की शरण में जाकर ही मानव का कल्याण हो सकता है। प्रभु ने मानव को भक्ति करने के लिए ही जीवन प्रदान किया है और यह गुरु की शरण में जाकर ही संभव है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ साथ सामाजिक शिक्षा भी बहुत ज्यादा आवश्यक है। अपने माता पिता की सेवा सबसे उत्तम सेवा है। आज समाज में इस सेवा भाव की कमी आ रही है। जो आने वाले समय के लिए अच्छा नहीं है। गुरु रविदास सभा के प्रधान काका राम ने बताया कि इस सम्मेलन की शुरूआत 1992 में शुरू हुई थी। सम्मेलन में मधुर वाणी को सुन कर लोग जीवन को सफल बना रहे हैं। प्रवचनों के माध्यम से उन्होंने संगत को सद्मार्ग पर चलने को कहा। इस अवसर पर सभी वर्ग के लोगों ने शामिल होकर मंदिर में माथा टेका। सुबह से ही लोगों ने मंदिर मेें पहुंचना शुरू कर दिया था। सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए हिमाचल प्रदेश, पंजाब से भी पहुंचे थे। कार्यक्रम के अंत में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लेकर प्रसाद ग्रहण किया।