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तीन वर्ष से मनरेगा की राशि मिलने का इंतजार कर रहे हजारों ग्रामीण

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उधमपुर/पंचैरी। जिले के पंचैरी व मोंगरी ब्लाक में मनरेगा के तहत किए गए कार्यों में दिहाड़ी लगाने वाले ग्रामीणों को ग्रामीण विकास विभाग ने करीब तीन वर्ष से दिहाड़ी की राशि का भुगतान नहीं किया है। इस राशि के लिए कई वर्षो से बीडीओ कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनको राशि नहीं मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि राशि न मिलने के कारण आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। डेढ़ वर्ष से ग्रामीण विकास विभाग ने मनरेगा के तहत कोई नया काम भी शुरू नहीं किया है।
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ग्रामीण इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को घर बैठे रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए मनरेगा योजना को शुरू किया गया है। इसके तहत ग्रामीण इलाकों में कई विकास कार्य हुए हैं, लेकिन इन विकास कार्यों में दिहाड़ी लगाने वाले ग्रामीणों को दिहाड़ी की राशि तीन वर्ष से नहीं मिली है। कपूर चंद चलोत्रा, विजय कुमार, अजय कुमार, सुरजीत सिंह, बलदेव कुमार ने बताया कि 2016 में सबने कई महीनों तक मोंगरी व पंचैरी ब्लाक में मनरेगा के तहत तैयार की गई सड़कों, इमारतों में दिहाड़ी लगाकर काम किया था। काम पूरा होने के बाद विभाग ने कहा था कि कुछ दिनों के अंदर सबके एकाउंट में राशि जमा कर दी जाएगी, लेकिन तीन वर्ष गुजरने के बाद भी एक रुपये भी उनके एकाउंट में जमा नहीं करवाया गया है। इन विकास कार्यों में दोनों ब्लाक में हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने मजदूर बन कर काम किया था। सबको उम्मीद थी कि दिहाड़ी की राशि एक साथ मिलने पर उनकी आर्थिक परेशानी दूर हो जाएगी, लेकिन आर्थिक परेशानी कम होने के बजाए और अधिक बढ़ गई है। यह सब विभाग की लापरवाही के कारण हो रहा है। जब भी अपनी परेशानी को बीडीओ के सामने रखते हैं तो कहा जाता है कि उनको सरकार की तरफ से अभी तक पैसा नहीं मिला है। इसलिए वह इसका भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। हालात यह बन चुके हैं कि अब ग्रामीण अपना घर छोड़ कर मजदूरी करने के लिए दूसरे जिलों की तरफ रुख करने लगे हैं।
पंचैरी व मोंगरी ब्लाक में करीब दो करोड़ का करना है भुगतान
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार पंचैरी ब्लाक में ग्रामीण विकास विभाग ने मनरेगा का 1.20 करोड़ रुपये और मोंगरी ब्लाक में करीब 80 लाख रुपये का भुगतान करना है। यह राशि दिहाड़ी लगाने वाले मजदूरों में बांटी जानी है। इस राशि के लिए ग्रामीण तीन वर्ष से इंतजार कर रहे हैं। इतना ही नहीं करीब डेढ़ वर्ष से ग्रामीण विकास विभाग ने दोनों ब्लाक में मनरेगा के तहत ग्रामीणों को कोई काम नहीं दिया है। रोजगार न मिलने के काण ग्रामीणों की परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
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