पंचैरी में लगे कूड़े के ढेर में दबा शौचालय।
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उधमपुर/पंचैरी। जिला प्रशासन की तरफ से पूरे जिले में स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है। पॉलीथिन व प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है, लेकिन जिले के पंचैरी तहसील में धड़ल्ले से पॉलीथिन व प्लास्टिक का इस्तेमाल जारी है। पॉलीथिन से डंपिंग स्टेशन भरे पड़े हैं। दुकानों में भी धड़ल्ले से पॉलीथिन का इस्तेमाल जारी है। ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से तैयार किया गया शौचालय तो गंदगी के बीच में ही दब गया है और प्रशासन के स्वच्छता ही सेवा अभियान पर सवाल खड़ा कर रहा है।
खूबसूरत बादियों के बीच पंचैरी तहसील है और मौजूदा समय में दिन प्रतिदिन गंदगी की चपेट में आती जा रही है। गंदगी का मुख्य कारण पॉलीथिन है और इस पर प्रतिबंध लगाने को लेकर पंचैरी में अभी तक कोई बड़ा अभियान नहीं छेड़ा जा सका है। ग्रामीणों को यह भी नहीं पता है कि जिले में पॉलीथिन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। दुकानों में धड़ल्ले से पॉलीथिन का इस्तेमाल जारी है। इतना ही पंचैरी में गंदगी को भी ऐसे ही खुले में फेंका जा रहा है। करीब 15 वर्ष पहले बीडीओ की तरफ से पंचैरी में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया गया था। पानी की सुविधा न होने के कारण कुछ दिन इस्तेमाल के बाद शौचालय का इस्तेमाल बंद कर दिया। स्थानीय निवासियों ने इस स्थान को गंदगी फेंकने के डंपिंग स्टेशन के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया और कुछ वर्ष तो शौचालय की गंदगी के बीच दब गया। आज भी पंचैरी के लोग इसको डंपिंग स्टेशन के रूप में ही इस्तेमाल कर रहे हैं। शौचालय पॉलीथिन की गंदगी के बीच दबा हुआ नजर आ रहा है और प्रशासन के स्वच्छता ही सेवा अभियान पर भी सवाल खड़ा कर रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर प्रशासन उनके इलाके में स्वच्छता को लेकर कोई अभियान छेड़ता है तो वह उसमें जरूरू सहयोग करेंगे। बिना जागरूकता के पंचैरी के लोग पॉलीथिन का इस्तेेमाल बंद नहीं करेंगे।