- ब्लॉक घोरड़ी के प्राइमरी हेल्थ सेंटर में तकनीशियन न होने के चलते बंद पड़ी एक्सरे मशीन
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। ब्लॉक घोरड़ी के प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) में दो एमबीबीएस डाॅक्टरों के पद होने के बावजूद ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच के लिए एक भी डाॅक्टर कार्यरत नहीं है। यही नहीं, पीएचसी में लगी एक्सरे मशीन भी तकनीशियन न होने के चलते बंद पड़ी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से ब्लॉक घोरड़ी में इसलिए पीएचसी खोला गया था कि क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके लेकिन लोगों को मजबूरन प्राइवेट क्लीनिकों में अधिक पैसे खर्च कर एक्सरे करवाने पड़ रहे हैं। इस पीएचसी में एक आईएसएम डाॅक्टर ही है जो यहां आने वाले मरीजों का इलाज कर रहा है। ज्यादातर ग्रामीण उपचार करवाने के लिए जीएमसी उधमपुर जाने पर मजबूर हैं। पूर्व नायब सरपंच अजय पाधा ने बताया कि पीएचसी घोरड़ी पर बरमीन, लाड़, मानी, कसूरी, चौकी जंद्रोड़, नाला मलिया, कौड़ा नाला, सत्यालता सहित अन्य क्षेत्र की तकरीबन 30 हजार आबादी इलाज के लिए निर्भर है।
उन्होंने बताया कि यहां डाॅक्टरों के साथ अन्य स्टाफ की भी कमी है। पीएचसी में एमबीबीएस डाॅक्टरों के अलावा डेंटल सर्जन, फीमेल मल्टी पर्पज, एक्सरे तकनीशियन, फार्मासिस्ट तक नहीं हैं। लोगों को इलाज करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में 120 रुपये में एक्सरे होता है जबकि लोगों को 250 से 300 रुपये खर्च कर प्राइवेट क्लीनिक में जाकर एक्सरे करवाने पड़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों की तैनाती के साथ अन्य स्टाफ की कमी पूरी करनी चाहिए।
कोट...
विभाग की ओर से नए डऍक्टरों की सूची जारी होने वाली है। पीएचसी घोरड़ी में खाली पड़े एमबीबीएस डाॅक्टरों के पद भरने का प्रयास किया जाएगा। अन्य स्टाफ की कमी दूर करने के लिए विभाग के अधिकारियों से बात की जाएगी।
-बलवंत सिंह मनकोटिया, विधायक, चिनैनी