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डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए जागरूकता व सावधानी जरूरी : डाॅ. अनिल

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संवाद न्यूज एजेंसी
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उधमपुर। बारिश और बाढ़ के बाद जल जनित रोगों के खतरे के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसके तहत जिला के विभिन्न इलाकों में पहुंच कर विभागीय टीमें लोगों को डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और डायरिया जैसे रोगों से बचाव के तौर तरीकों की जानकारी उपलब्ध करा रहें हैं।
इसी तरह फागिंग और स्प्रे का काम भी लगातार किया जा रहा है। फिलहाल बीते दो दिनों में 3 नए मामले मिलने के बाद जिला में इस साल अब तक पाए गए डेंगू के कुल मामलों की संख्या 39 हो गई हैं।
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वहीं इसको लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अनिल मन्हास ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता कर लोगों को जागरूक और सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि जिला में अभी तक कोई आलार्मिंग स्थिति पैदा नहीं हुई है लेकिन स्वास्थ्य विभाग बीते दिनों हुई बारिश तथा बाढ़ इत्यादि के बाद जल जनित रोगों के खतरे के मद्देनजर काफी सतर्कता के साथ काम कर रहा है। इसके लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें भेज कर लोगों को निवारक उपायों की जानकारी दी जा रही है और डेंगू-चिकनगुनिया जैसे रोगों के रोकथाम उपायों में स्प्रे और फाॅगिंग भी कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि जल जनित रोगों से बचाव के लिए लोगों को सलाह दी गई है कि उबाल कर अथवा क्लोरीन युक्त पानी ही पिएं। इसके लिए लोगों को क्लोरीन की गोलियां भी वितरित की जा रही हैं। इसी तरह डेंगू-चिकगुनिया जैसे रोगों से बचाव के लिए लोगों को अपने घरों, छतों, गमलों, कूलरों, खाली जगहों पर पानी जमा नहीं होने देने, पूरे कपड़े पहनने और मच्छरों के काटने से बचाव के क्रीम व अन्य उपाय करने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि डेंगू का मच्छर की उड़ान का दायरा 100 यार्ड तक का होता है। इसलिए जहां से भी डेंगू का मामला सामने आता है तो टीमें भेजकर 100 गज के दायरे में स्प्रे करवाई जाती है। इसके साथ ही नगर परिषद को भी इसकी लोकेशन भेजी जाती है और उनके माध्यम से उक्त क्षेत्र की फॉगिंग भी कराई जाती है।
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उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई गंभीर स्थिति नहीं हैं लेकिन फिर भी जीएमसी उधमपुर में उपचार के लिए जरूरी सभी तैयारी है। इसलिए किसी को घबराने की जरूरत नहीं हैं लेकिन बचाव के लिए सावधान और सतर्क रहना बेहद जरूरी है। किसी को भी जल जनित रोगों से संबंधित कोई लक्षण नजर आते हैं तो तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर जांच और उपचार कराएं।
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