उधमपुर। प्रधान सत्र न्यायाधीश की अदालत ने शनिवार को एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े मामले में आरोपी सुशांत सिंह राजपूत को सशर्त जमानत दे दी। 30,000 रुपये नकद और इतनी ही राशि के निजी मुचलके पर अदालत ने यह जमानत स्वीकृत की।
जमानत के लिए दिए आवेदन में आरोपी ने दावा किया था कि वह कानून का पालन करने वाला नागरिक और उधमपुर का स्थायी निवासी है। उसका फरार होने का कोई इरादा नहीं है। वह अदालती शर्तों का पालन करने के लिए तैयार है। बता दें कि 15 जुलाई को एक गाड़ी में सवार होकर आरोपी एक अन्य व्यक्ति के साथ आ रहा था। पुलिस ने वाहन को रोकने का इशारा किया। इस पर सुशांत व अन्य भाग गए लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
तलाशी लेने पर सुशांत के पास से 5.18 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। साइंस फोरेंसिक लैब (एफएसएल) की टीम ने पुष्टि की कि बरामद हुआ पदार्थ मादक है। राजपूत को गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत में अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि राजपूत के पास मध्यम मात्रा में हेरोइन पाई गई थी। वह मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल है जिससे युवाओं पर असर पड़ सकता है। उसे रिहा करने से जारी जांच में बाधा आ सकती है। उन्हें डर है कि वह फरार हो सकता है या गवाहों को धमका सकता है।
इस पर अदालत ने राजस्थान राज्य बनाम बाल चंद मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला दिया, जो इस सिद्धांत का समर्थन करता है कि जमानत तभी मान्य है जब अभियुक्त के भागने, न्याय को बाधित करने या गवाहों को धमकाने का जोखिम न हो। अदालत ने सुशांत सिंह राजपूत को सशर्त जमानत दे दी। साथ ही अदालत ने निर्देश दिए कि वह अभियोजन पक्ष के गवाहों को न धमकाएगा और न ही उनसे संपर्क करेगा। वह पूर्व अनुमति के बिना राज्य के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं जाएगा। जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होगा और जांच में सहयोग करेगा। वह एनडीपीएस अधिनियम के तहत किसी भी अपराध को नहीं दोहराएगा। शर्तों का उल्लंघन करने पर जमानत रद्द हो सकती है।