निजी स्कूलों में शुरू हो चुका है कक्षाओं का संचालन
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। खराब मौसम के चलते 15 दिन से बंद रखे गए स्कूल फिर से खोल दिए गए हैं लेकिन कक्षाओं का संचालन अभी सिर्फ निजी स्कूलों में ही शुरू हो पाया है। फिलहाल लोक निर्माण विभाग से प्राप्त होने वाले सुरक्षा ऑडिट प्रमाण पत्र के इंतजार में सरकारी स्कूलों में कक्षाओं का संचालन नहीं हो पा रहा।
उधर निजी स्कूलों से उनके संस्थान प्रमुख अथवा प्रबंधन समिति से स्कूल इमारत सुरक्षित होने की वचनबद्धता का प्रमाण पत्र लेकर स्कूलों को खोलने की अनुमति दे दी गई है। बुधवार को स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू होने की जानकारी के बाद शहर के भी बहुत से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी तैयार होकर अपने स्कूलों में पहुंचे थे लेकिन वहां उन्हें गेट से ही यह कहकर लौटा दिया गया कि अभी स्कूली इमारत का सुरक्षा ऑडिट प्रमाण पत्र मिलने तक कक्षाएं नहीं लगेंगी।
लोक निर्माण विभाग तेज गति से कर रहा काम
सरकारी स्कूलों में सुरक्षा ऑडिट करने के लिए लोक निर्माण विभाग तेज गति के साथ काम कर रहा है लेकिन दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में कहीं सड़कों के बंद होने और कहीं नदी नालों के उफान की बाध्यता से जिला के सभी स्कूली इमारतों की सुरक्षा जांचने में सप्ताह भर का समय लगने की उम्मीद है। अभी कई जगहों पर सड़क संपर्क बहाल नहीं हो पाने के कारण स्कूल तक शिक्षकों भी सुगम पहुंच संभव नहीं हो पाई है। वहीं इन सभी समस्याओं के चलते शिक्षा विभाग ने भी संकेत दिया है कि सभी सरकारी स्कूल फिलहाल 15 सितंबर तक कक्षाओं का संचालन नहीं कर पाएंगे।
जिले के डेढ़ हजार स्कूलों में से 300 का ही हुआ सुरक्षा ऑडिट
जानकारी के मुताबिक जिले में प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी तक के करीब डेढ़ हजार स्कूल हैं। आपदा के बाद मिली प्रारंभिक जानकारी में इनमें से 17 स्कूल पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं और 240 को आंशिक क्षति पंहुची है। बहरहाल शिक्षा विभाग सभी स्कूलों की सुरक्षा आडिट करवाकर विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा को पूरी तरह से यकीनी बनाने को लेकर काम कर रहा है। लोक निर्माण विभाग की तरफ से अभी तक 300 से अधिक स्कूलों की जांच कर ली गई है। शिक्षा विभाग स्वयं भी लोक निर्माण विभाग के साथ स्कूलों की सुरक्षा जांच और अन्य सुविधाओं का जायजा ले रहा है। वीरवार को भी मुख्य शिक्षा अधिकारी कमल किशोर बड़याल, अपनी टीम के साथ मिडिल स्कूल सलाड़ा पहुंचे और वहां स्कूल की इमारत व अन्य सुविधाओं की पड़ताल की।
ऑफलाइन कक्षाओं के संचालन से पहले विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। लोक निर्माण विभाग के सहयोग से स्कूली इमारतों की सुरक्षा ऑडिट का काम चल रहा है। अभी 15 सितंबर तक ज्यादातर सरकारी स्कूलों में फिलहाल कक्षाओं का संचालन संभव नहीं हैं लेकिन जिन स्कूलों की इमारतें मजबूत हैं और पहले से सुरक्षा ऑडिट करवा चुके हैं और उनके संस्थान प्रमुख को लगता है कि स्कूल में विद्यार्थियों की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है तो वे प्रमाण पत्र देकर कक्षाएं संचालित कर सकते हैं। जो स्कूली इमारतें ध्वस्त हो गईं हैं अथवा जर्जर हालत में हैं, उनकी कक्षाओं के संचालन को भी विकल्प तलाशा जा रहा है।
-कमल किशाेर बड़याल, मुख्य शिक्षा अधिकारी, उधमपुर