संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। तीन दिन से रात और सुबह के समय रुक-रुक तेज बारिश हो रही है। कई जगहों पर पहाड़ दरक रहे हैं जिससे जन-जीवन प्रभावित हो रहा है। नदी-नाले उफान पर हैं। कई लिंक मार्ग पस्सियां गिरने से अवरुद्ध हैं। वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
ग्रामीण इलाकों में कच्चे घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई जगहों पर खेतों में अधिक पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। इस बीच मौसम विभाग की तरफ से अगले 56 घटों के लिए भारी से भारी बारिश और बादल फटने व बाढ़ जैसी आशंकाओं का पूर्वानुमान लगाया गया है। जिला प्रशासन की तरफ से भी लोगों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी से अपील की गई है कि गैर जरूरी यात्राओं से बचें। नदी नालों तथा भूस्खलन की आशंकाओं वाली जगहों पर जाने से परहेज रखें।
प्रशासन ने घर पर जरूरी सामान का प्रबंध रखें और किसी भी आपात स्थिति के लिए तत्काल प्रशासनिक हेल्पलाइन नंबरों (जिला आपातकालीन संचालन केंद्र- 01992-272727, पुलिस कंट्रोल रूम 01992-276915, आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली-112 ) से संपर्क करने को कहा गया है। रेलवे प्रशासन की तरफ से भी उधमपुर और पठानकोट के बीच चलने वाली सभी ट्रेनों को भी अगले आदेश तक के लिए रद्द कर दिया गया है।
जोरदार बारिश, कई मार्ग पस्सी गिरने से प्रभावित
शनिवार रात और रविवार सुबह 10 बजे तक जिला में तेज बारिश हुई। इसके चलते जिला मुख्यालय के समीप औसू-धार गद्दियां सड़क पर मड-स्लाइड से वाहनों की आवाजाही काफी देर तक प्रभावित रही। इसी तरह तंधाल से परोआ जगीर सड़क पर भी भूस्खलन होने से करीब तीन घंटे तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। कई जगहों पर पस्सी गिरने से बंद हुआ तहसील मौंगरी में लद्दा की ओर जाने वाला मार्ग तीन दिन बाद भी बहाल नहीं हो पाया है। बीते कल शनिवार को धार रोड़ पर दरसू इलाके में भी सड़क पर भूस्खलन से पहाड़ का काफी ज्यादा मलबा गिर गया था जिसे छह घंटे की मशक्कत के बाद हटाकर यातायात के लिए बहाल किया गया था।
कच्चे घरों को नुकसान, डर के साये में ग्रामीण
भारी बारिश से न सिर्फ सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हो रही है बल्कि इससे ग्रामीण इलाकों के कच्चे घर भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। बीते तीन दिनों में बारिश के चलते ब्लाॅक घोरड़ी के बरमीन और सुलगार पंचायत में कुछ कच्चे घर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। पूर्व बीडीसी चेयरमैन आरती शर्मा ने कहा कि ब्लाॅक घोरड़ी के अलग-अलग पंचायतों में कई कच्चे घरों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासनिक टीमें निगरानी कर रहीं हैं। शनिवार को घोरड़ी पश्चिम पंचायत के मनोहर लाल पुत्र सनीतू का घर और पंचायत सुलगार में राधे श्याम पुत्र परस राम के कच्चे घर को भी काफी नुकसान पहुंचा है। कई घरों में दरारें आ जाने से इनके गिरने का खतरा बढ़ गया है।
पैदल आवाजाही में मुश्किल, पानी भरने से फसलों को खतरा
दूर-दराज के पहाड़ी व ग्रामीण इलाकों में बिना पुल वाले बरसाती नालों से ग्रामीणों की आवाजाही को लेकर दिक्कतें बढ़ गईं हैं। पंचैरी, मौंगरी, रामनगर, बसंतगढ़, चिनैनी आदि के कई दूरस्थ इलाकों के लोग इस समय इस समस्या से जूझ रहे हैं। खासकर विद्यार्थियों के लिए स्कूल तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। वहीं कई जगहों पर नदी नालों का पानी किसानों की जमीनों के लिए भी परेशानी का कारण बनने लगा है। जिब थाती और कावा के किसान बोध राज, बृज नाथ, मंगल कुमार, सोहन लाल, सतपाल व अन्य ने कहा कि बारिश से अभी तक फसलों को अधिक नुकसान तो नहीं हुआ है लेकिन अगर कुछ दिन और यही हालात बने रहे तो खेतों में ज्यादा पानी भर जाने से गेंहू की फसल के अलावा सब्जियों के खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।