उधमपुर। पतंगबाजी खुशी का उत्सव का है इसे खुलकर मनाएं और जमकर पेंच लड़ाएं। पतंग कटती है तो कट जाए लेकिन ध्यान रहे किसी की पतंग काटने के लिए जानलेवा गट्टू डोर का इस्तेमाल कदापि न करें ताकि किसी की सांसों की डोर न कट जाए।
यह संदेश स्थानीय समाज सेवक अरुण शर्मा ने रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर शहरवासियों को दिया। उन्होंने कुछ दिन पहले अपने बेटे के साथ मिलकर गट्टू डोर के जानलेवा दुष्परिणामों पर एक वीडियो के माध्यम से समाज को जागरूक करने का काम किया था। इसके लिए शुक्रवार को उन्हें शहरवासियों की तरफ से सम्मानित भी किया गया। अरुण शर्मा ने कहा कि गट्टू डोर पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगाया है और इसकी परिपालना के लिए पुलिस भी पूरी चौकसी के साथ निगरानी कर रही है।
फिर भी हम सब का कर्तव्य है कि गट्टू डोर का इस्तेमाल न खुद करना है और न किसी को करने देना है। अपने आसपास अगर कोई गट्टू डोर का इस्तेमाल करता है तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को देनी है। उन्होंने कहा कि गट्टू डोर न सिर्फ इंसानों के लिए बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों की जान के लिए भी बड़ा खतरा है। जो लोग थोड़े से लालच के लिए इसे ऑनलाइन मंगवाकर कारोबार कर रहे हैं उन पर भी नकेल कसनी हैं।