एक तो शिक्षकों की कमी और उस पर अनुपस्थिति से गुस्साए ग्रामीणों ने रामबन जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित दो स्कूलों में ताले जड़ दिए हैं। उसके बाद स्थानीय लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार और जोनल शिक्षा अधिकारी से मिल कर अपनी समस्याएं बताईं।
इस विवाद के कारण उखड़ाल शिक्षा जोन के मिडिल स्कूल नरथियाल और रामबन के प्राथमिक स्कूल हंगी के बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है। इस बीच अभिभावक भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान हैं।
गत दिवस अधिकारियों को समस्याओं से अवगत करवाते हुए अभिभावकों ने अपनी चिंता जताई और कहा कि जिले रामबन के सभी छह शैक्षिक जोन के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है।
दिन ब दिन पढ़ाई का स्तर गिर रहा है। बताया गया कि मिडिल स्कूल नरथियाल में 150 से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं। इनके लिए यहां पांच शिक्षकों के पद सृजित हैं, इनमें से मात्र तीन शिक्षक ही तैनात हैं।
हेड मास्टर का पद तीन साल से खाली है। इतना ही तीन शिक्षकों में से एक को बीएलओ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। हद तो यह हो गई कि 9 मार्च के बाद से अब तक केवल एक सप्ताह के लिए स्कूल खोला गया।
लगातार शिक्षकों की अनुपस्थिति से तंग आकर स्थानीय लोगों ने इस स्कूल को गुरुवार को स्कूल में तालेबंदी की। इसी तरह सेना बत्ती क्षेत्र में प्राथमिक स्कूल हंगी में 30 से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं। इनके लिए दो रहबरे तालीम शिक्षक तैनात हैं।
लोगों का कहना है कि यह स्कूल भी लगातार बंद रहता है। गुस्से में ग्रामीणों ने इस स्कूल में भी गुरुवार को ही ताले जड़ दिए।
स्कूली इमारत का निर्माण कार्य रोका
जिले में शिक्षा व्यवस्था का हाल बुरा है। हाई स्कूल हंझाल की इमारत का निर्माण कार्य स्थानीय एक जमींदार ने रोक दिया। जमींदार गुलाम कादिर का आरोप है कि उसने स्कूल के लिए जमीन सरकारी नौकरी देने की शर्त पर दी है।
शिक्षा विभाग ने वादा भी किया था। लेकिन अब रमसा के तहत जमीन पर स्कूली इमारत का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन नौकरी देने की दिशा में कोई पहल नहीं की गई है। इसके चलते गुलाम कादिर ने न केवल निर्माण कार्य को बंद कर दिया, बल्कि अपनी जमीन की तारबंदी भी कर दी।
मिडिल स्कूल नरथियाल और प्राथमिक स्कूल हंगी में तैनात गैरहाजिर रहने वाले शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। इस संबंध में जवाब भी मांग गया है।
-मो. अशरफ, मुख्य शिक्षा अधिकारी