रामबन जिले के बनिहाल तहसील अंतर्गत पड़ने वाले चंबलवास में शनिवार की शाम हुए टिप्पर हादसे के दो और घायलों ने श्रीनगर स्थित मेडिकल कालेज अस्पताल में दम तोड़ दिया।
अब कुल मृतकों की संख्या नौ हो गई। इन मृतकों में टेठार गांव के दो सगे भाई भी शामिल हैं। एक गुलाम रसूल वानी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि भाई गुलाम नवी वानी ने श्रीनगर ले जाने के क्रम में दम तोड़ दिया।
गौरतलब रहे कि शनिवार की शाम को हाईवे पर वीकन के द्वारा चल रहे काम में लगे मजदूरों से भरा टिप्पर रामसू से बनिहाल की ओर जा रहा था। इस दौरान चंबलवास में टिप्पर असंतुलित होकर बिसलरी नाले में जा गिरा था।
इस हादसे में पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और छह गंभीर रूप से घायल मजदूरों को श्रीनगर के मेडिकल कालेज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया था, जिनमें से एक ने रास्ते में दम तोड़ दिया था।
एक अन्य की अस्पताल पहुंचने पर मौत हो गई थी। बाकी चार का इलाज वहां चल रहा था। इनमें से शनिवार की देर रात को मो. रमजान और शाकिर हुसैन ने भी दम तोड़ दिया। ये दोनों भी टेठार गांव के ही रहने वाले थे।
रामबन के चीफ मेडिकल आफिसर डॉ. अनवर भट ने बताय कि अब मुश्ताक अहमद और मो. रफीक कुमार का इलाज स्कीम्स सौरा (श्रीनगर) में चल रहा है। दो अन्य का इलाज बनिहाल उपजिला अस्पताल में चल रहा था, जिसमें मुख्तियार अहमद की स्थिति में सुधार होने के बाद रविवार को छुट्टी दे दी गई।
केवल अब्दुल गनी भट अस्पताल में ही है। उसकी स्थिति खतरे से बाहर है। जबकि टिप्पर चालक दर्शन सिंह को उप जिला अस्पताल बनिहाल में प्राथमिक उपचार देने के बाद शनिवार की देर रात को ही जम्मू मेडिकल कालेज अस्पताल रेफर कर दिया था।
नमाज-ए-जनाजा से माहौल गमगीन
हादसे के आठ मृतकों के शवों को जब एक साथ स्थानीय हायर सेकेंडरी स्कूल में रखकर नमाज-ए-जनाजा पढ़ी जा रही थी तो पूरे इलाके का माहौल गमगीन हो गया। रविवार की सुबह करीब ग्यारह बजे टेठार और आसपास के दर्जनों गांवों से सैकड़ों लोग नमाज-ए-जनाजा में शरीक हुए।
इस दौरान मृतकों के परिवार की महिलाओं और बच्चों की चीख-पुकार से पत्थर दिल इनसान का कलेजा भी चाक हो रहा था। नमाज-ए-जनाजा के दौरान जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई। क्योंकि में स्कूल हाईवे के किनारे ही पड़ता है।
इस रस्म अदाई के बाद नौगाम के मृतक सनाउल्ला के शव को उसके रिश्तेदार ले गए और उसे स्थानीय कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किया। बनिहाल के सामाजिक कार्यकर्ता हाजी अब्दुल मजीद वानी ने मृतकों के परिवार के प्रति शोक संवेदना प्रकट की और जिला प्रशासन तथा ग्रेफ से उन्हें जल्द से जल्द दस-दस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।