रौन पंचायत के लोग रविवार को बिजली विभाग के विरोध में फिर सड़क पर उतर आए। करीब एक घंटे तक सड़क जामकर प्रदर्शन किया। अघोषित बिजली कटौती झेल रहे लोगों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जानबूझ कर समस्या को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिजली के बिना परीक्षा के समय में बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि लंबे समय से रौन पंचायत में बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है। इस अघोषित कट से गांव के लोगों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
रौन के लोगों ने धार रोड पर एक घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। इससे जाम की स्थिति बन गई। सरपंच रामेश्वर शर्मा ने बताया कि लंबे समय से बिजली विभाग पंचायत के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। गांव में हर रोज सुबह पांच बजे से दस बजे तक बिजली का कट किया जाता है।
सुबह जब बच्चे पढ़ने के लिए उठते हैं तो बिजली ही नहीं होती। बच्चों को मोमबत्ती जलाकर पढ़ना पड़ता है। परीक्षाओं के दिन करीब आते ही बच्चों की परेशानियां और भी बढ़ जाती है। मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ने से बच्चों की आंखें खराब होने की चिंता भी मां-बाप को सता रही है।
जोगिंदर कुमार ने कहा कि कहा कि आखिरकार बिजली विभाग पंचायत के लोगों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों कर रहा है। रौन पंचायत को छोड़कर किसी और जगह सुबह बिजली की कटौती नहीं होती।
सरपंच ने कहा कि बिजली विभाग द्वारा कहा गया था कि ई-मीटर लगने के बाद कटौती नहीं होगी। पर पूरे गांव में ई-मीटर लगने के बावजूद भी कटौती की जा रही है। कई बार इस समस्या को लेकर विभाग के अधिकारियों से बात की गई पर कोई भी हल नहीं निकल पाया।
उन्होंने विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि पंचायत में होने वाली बिजली कटौती को जल्द बंद नहीं किया गया तो अब बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव करेंगे। इस अवसर पर जोगिंदर सिंह, मौहन लाल, पंच सुशीला देवी, पंच शकुंतला देवी, जोग राज, रमेश कुमार आदि मुख्य तौर पर उपस्थित थे।