मौसम के बिगड़े मिजाज में शनिवार को कोई कमी नहीं रही। त्रिकुटा पर्वत बर्फ की सफेद चादर से ढंक गई। भवन पर भी अच्छी-खासी बर्फबारी हुई। मूसलाधार बारिश भी लगातार दूसरे दिन जारी रही। दो-तीन दिनों से बारिश के चलतेे धर्मनगरी में ठंड में काफी इजाफा हुआ है।
भवन और त्रिकुटा पर्वत पर लगातार बारिश और हिमपात से तापमान में काफी गिरावट आई है। दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को कड़ाके की ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है। खराब मौसम के कारण दूसरे दिन भी कटड़ा-सांझी दत के बीच चलने वाली हेलीकाप्टर सेवा प्रभावित रही।
शुक्रवार की सुबह से ही त्रिकुटा पहाड़ियों सहित भवन पर लगातार बारिश और हिमपात हो रहा है। दो दिन से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए हैं। यात्री रेन कोट और बरसातियों के सहारे पैदल ही चढ़ाई कर रहे हैं। भवन से मिली जानकारी अनुसार शुक्रवार और शनिवार तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज हुई। इसके कारण कंबल स्टोर पर यात्री अधिक कंबल की मांग कर रहे हैं।
दर्शन के लिए आवाजाही करने वाले यात्री घंटों इंतजार करते रहे। पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को 17500 के करीब यात्रियों ने दर्शन किया था। जबकि शनिवार देर शाम तक 12 हजार के करीब यात्री भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। हालांकि अभी काउंटर बंद होने में समय शेष था।