भद्रवाह की वादी सोमवार की सुबह साढ़े छह बजे भूकंप के तेज झटके से हिल गई। कड़ाके की ठंड में घबरा कर लोग घरों से बाहर निकलकर भागे। चीख-पुकार मच गई। हालांकि देर शाम तक कहीं से कोई बड़े नुकसान की खबर नहीं आई। रिक्टर पैमाने पर इस झटके की तीव्रता 3.7 दर्ज हुआ।
सोमवार की अल सुबह 6:30 बजे ठीक से पौ भी नहीं फटे थे। बिजली गुल थी। कई लोगों की नींद खुल चुकी थी तो कई सो ही रहे थे। तभी अचानक भद्रवाह की वादी थर्रा उठी। ऊंघे लोग आंखें मलते बाहर भागे। एक तरफ कड़ाके की ठंड और दूसरी ओर भूकंप का खतरा। लोग भयभीत हो गए। इस झटके से कई मकानों में दरारें आने की सूचना है। हालांकि कहीं कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
बता दें कि ठंड के समय में भूकंप से ज्यादा नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। दीवारें ज्यादा चटकती हैं। पहाड़ी भी भरभराने का ज्यादा खतरा रहता है। इस झटके ने 2012 के भयानक भूकंप की याद दिला दी।