भारी बारिश के चलते जिले की गांधरी नियाबत के गांव टिंगर का एक बड़ा हिस्सा खिसकना शुरू हो गया है। अभी तक तकरीबन 500 कनाल सरकारी और किसानों की भूमि इसकी चपेट में आ चुकी है। दो मकान पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं, जबकि चार को नुकसान पहुंचा है। भूस्खलन में और भी मकान चपेट में आने की आशंका है।
चिनाब नदी के किनारे बसा यह गांव जिला मुख्यालय से 26 किलोमीटर दूर निर्माणाधीन शाऊल कोट परियोजना रोड पर स्थित है। स्थानीय निवासी बिहारदीन ने गांव का एक हिस्सा 23 मार्च से खिसकना शुरू हो गया था।
इसके बाद छह परिवारों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाया गया। जिन लोगों के मकानों को नुकसान पहुंचना है, उनमें रामलाल जीवन लाल, श्री कृष्ण लाल, धनिया राम, कृष्ण लाल, फारूक अहमद शामिल हैं। रामलाल की 22 कनाल जमीन खिसक कर नदी की चपेट में आ चुकी है।
भूस्खलन का सिलसिला जारी है और काफी आवासीय घरों को खतरा है। मौके पर मुआयना करने के बाद उप तहसीलदार गांधरी अब्दुल मजीद ने बताया कि कुछ परिवार अपने दूसरे घरों में चले गए हैं, जबकि दो परिवारों को सुरक्षित जगह ठहराया गया है।
उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि सहित 500 कनाल जमीन खिसक गई है। गांव की भूमि पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
जिला विकास आयुक्त फारूक शाह बुखारी ने कहा कि प्रभावित परिवारों को ठहराने और मुआवजा की व्यवस्था करना प्रशासन की प्राथमिकता है। जिन किसानों की कृषि भूमि नष्ट हो गई है या खेती के आयोग्य हो गई है।
उन्हें वैकल्पिक भूमि देने की सिफारिश की जाएगी। उन्होंने बताया कि उप तहसीलदार ने प्रभावित गांवों का दौरा किया है। रिपोर्ट मिलते ही कार्यवाही शुरू की जाएगी।