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बलिदानियों को हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि

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डोडा के स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित रैली में मौजूद लोग। संवाद - फोटो : UDHAMPUR
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डोडा। जम्मू कश्मीर पीपुल्स फोरम की ओर से डोडा के स्पोर्ट्स स्टेडियम में रविवार को एक विशाल श्रद्धांजलि एवं संकल्प सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान आतंकवाद से संघर्ष करते समय बलिदान हुए वीरों को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए। वहीं, अपने क्षेत्र को आतंकवाद से मुक्त रखने और राष्ट्रविरोधी शक्तियों के षड्यंत्रों को विफल बनाने का लोगों ने संकल्प एक स्वर में लिया।
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जम्मू कश्मीर पीपुल्स फोरम के रघु मेहता ने कहा कि डोडा, किश्तवाड़, रामबन और भद्रवाह की देशभक्त जनता ने न केवल स्वतंत्रता को अक्षुण्य बनाए रखा बल्कि राष्ट्रविरोधी शक्तियों और उनके द्वारा फैलाए गए आतंक को परास्त किया है। इस संघर्ष की यात्रा में जिन वीर बलिदानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी है आज हम उन्हें नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। डॉ. गौतम मैंगी ने कहा कि आजादी के समय महाराजा हरी सिंह ने जम्मू कश्मीर के विलय पत्र पर हस्ताक्षर कर जम्मू कश्मीर को कानूनी रूप से भारत का हिस्सा बनाया, जिसके चलते अंग्रेजों के षड्यंत्र पूरी तरह से विफल हो गए। किन्तु तब दुर्भाग्यवश जम्मू कश्मीर की सत्ता शेख अब्दुल्ला के हाथ में चली गयी। शेख अब्दुल्ला, नेहरू और माउंटबेटन के षड्यंत्रों के चलते महाराजा हरी सिंह को जम्मू कश्मीर छोड़ कर बाहर जाना पड़ा और उसके बाद वो कभी राज्य में वापस जीवित नहीं लौट पाए। जवाहर लाल नेहरु पूरी तरह से शेख के वश में थे। इसी वशीकरण के चलते भारतीय संविधान में अनुच्छेद 370 जोड़ दिया गया था। जिसे अब केंद्र सरकार ने हटाया है।
पुरुषोत्तम दधीचि ने कहा कि आतंकियों ने रुचिर कुमार, सतीश भंडारी, स्वामी राज काटल, चंद्रकान्त, अनिल परिहार, अजीत परिहार, विभीषण सिंह आदि ऐसे अनेक वीरों को अपना निशाना बनाया और इनके जैसे असंख्य लोगों का बलिदान हुआ। इसके बाद भी स्थानीय समाज डरा नहीं और आज भी संघर्षरत है।
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मोनिका अरोड़ा ने कहा कि आतंकियों ने डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जिलों में बरशाला, सर्वाधार, संगलदान, ईंद, कोट कुंडा, सुंबड, बद्रकोट, चपनारी, चेरजी, ठाकराई, देसा, पोगल और कुल्हांड में बड़े सामूहिक हत्याकांड किए। इसके अतिरिक्त आतंकियों ने समाज जीवन में सक्रिय व्यक्तियों को चिह्नित कर उनकी टारगेट किलिंग भी शुरू कर दी थी। इसके बाद भी देशभक्त जनता ने आतंक का मुंहतोड़ जवाब दिया। वहीं, संत दिनेश भारती ने कहा कि डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जिलों मे 1000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों और समाज के लोगों ने आतंकवाद से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। ऐसी परिस्थितियों के बाद भी समाज ने आतंकवाद, कट्टरवाद और अलगाववाद का डटकर सामना किया है और आज भी कर रहा है। श्रद्धांजलि एवं संकल्प सभा को राष्ट्रवादी संत दिनेश भारती, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के डॉ. गौतम मैंगी, सनातन धर्म सभा जम्मू कश्मीर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम दधीचि, जम्मू कश्मीर पीपुल्स फोरम के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रघु मेहता आदि ने संबोधित किया।

डोडा के स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित रैली में मंचासीन अतिथिगण। संवाद- फोटो : UDHAMPUR

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