उधमपुर/रामबन। राजमार्ग खुलने के बाद भी शनिवार को दूसरे दिन भी यातायात प्रभावित रहा। रामबन और उधमपुर के विभिन्न हिस्सों में सुबह से शाम तक जाम की स्थिति बनी। वहीं, उधमपुर में रोके गए ट्रकों को दूसरे दिन भी घाटी जाने की अनुमति नहीं मिली। इस कारण चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही सामान के खराब होने का खतरा भी बढ़ने लगा है।
शुक्रवार को राजमार्ग को मरम्मत के कार्य के चलते बंद किया गया था। उधमपुर से चिनैनी के बीच जब मरम्मत का कार्य चल रहा था तो अचानक ही बड़ी पस्सी गिरने पर राजमार्ग पूरी तरह से बंद हो गया था और इससे डोडा, भद्रवाह, किश्तवाड़, रामबन, चिनैनी जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी बंद हो गई थी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। राजमार्ग के मरम्म्मत का कार्य कर रही कंपनी ने शुक्रवार रात को ही राजमार्ग को खोलने में कामयाबी हासिल कर ली थी। शनिवार सुबह पुलिस ने दोनों तरफ से केवल छोटे वाहनों को चलने की अनुमति दी। जब हजारों की संख्या में छोटे वाहन राजमार्ग पर चलना शुरू हो गए तो उधमपुर व रामबन में जाम की स्थिति बन गई और इससे स्थानीय निवासियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं, जाम की परेशानी को देखते हुए पुलिस ने ट्रकों को दूसरे दिन भी घाटी की तरफ जाने की अनुमति नहीं दी, इससे चालक दिन भर परेशान रहे। चालकों का कहना है कि जब भी राजमार्ग बंद होता है तो उसके बाद ट्रकों के लिए कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं। सुविधाएं न मिलने के कारण उनको दिन भर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उम्मीद है कि पुलिस रविवार सुबह उनको घाटी जाने की अनुमति प्रदान करें।