फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पक्कल डुल पावर प्रोजेक्ट का काम जोरशोर से जारी

विज्ञापन
विज्ञापन
किश्तवाड़। पक्कल-डूल बिजली पावर प्रोजेक्ट पर पाकिस्तान की आपत्ति खारिज होने के बाद प्रोजेक्ट के जल्दी पूरे होने के लिए कंपनिंया रात दिन कर भारत देश को जल्दी ही 1000 बिजली उत्पादन कर सोंपेंगे। 19 मई, 2018 को प्रधानमंत्री ने परियोजना का ऑनलाइन शिलान्यास किया था, जिसके बाद से काम जोरशोर से जारी है। परियोजना के तैयार होने से प्रदेश सहित जिलेवासियों को भी काफी लाभ होगा।
विज्ञापन

वहीं पाकिस्तान की आपत्ति के खारिज होने के बाद कार्यरत कंपनियाें और कर्मचारियों ने खुशी जताई है।
जानकारी के अनुसार इस पक्कल डुल परियोजना पर दोनों तरफ काम जारी है। दच्छन के डंगडीरू में सुरंग का काम जयप्रकाश कंपनी ने शुरू किया है, जबकि दूसरे सिरे पर सुरंग का काम अफकान कंपनी को मिला है। डुल इलाके में पावर हाउस सहित सुरंग का काम एलएनटी कंपनी को दिया गया है, लेकिन अभी कार्य शुरू नहीं हुआ है।
कोरोना के चलते मार्च से परियोजना का काम बंद हो गया था, जो अब जोरशोर से जारी है। परियोजना का कार्य चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स को सौंपा गया था। बाद में कार्य को तीन कंपनियों को सौंपा गया है। अक्तूबर माह में केंद्रीय ऊर्जा सचिव संजीव नंदन सहाय ने दौरा स्थिति का जायजा लेने के साथ ही विकासात्मक कार्यों को शुरू करवाया था।
विज्ञापन

परियोजना से जुड़ी हैं लोगों की उम्मीदें
परियोजना के साथ जिलेवासियों की उम्मीदें जुड़ी हैं। लेकिन स्थानीय लोगों को प्रोजेक्ट्स में काम नहीं मिलने से रोष है। इसके अलावा जिन्हें रोजगार मिला है उन्हें भी समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है। इस कारण हर आए दिन धरना-प्रदर्शन जारी रहता है जिससे परियोजना का कार्य प्रभावित हो रहा है।
66 माह में योजना को पूरा करने का है लक्ष्य
8112 करोड़ की लागत से 66 माह में परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना किश्तवाड़ से 45 किलोमीटर दूर दच्छन तहसील से डूल के बीच बनेगी। दच्छन के डंगडीरू के पास मरूसुदर नदी पर 167 फुट ऊंचा डैम और 10 किलोमीटर लंगी सुरंग का निर्माण होगा। डूल गांव के पास भूमिगत पावर हाऊस बनेगा, जिसका निर्माण जारी है। यहां पर 250 मेगावाट क्षमता वाली चार यूनिट स्थापित की जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें