सुबह तड़के सूरज की पहली किरण ने अभी धर्मनगरी की धरती को अभी स्पर्श भी नहीं किया था। ठिठुरन महसूस हो रही थी। इस सबके बीच एक साथ यहां के चौराहों और प्रमुख मार्गों पर हथियारबंद सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ने लगी।
इससे घबराए राहगीरों और स्थानीय लोगों में गरमाहट पैदा हो गई। अनहोनी का एहसास होने लगा। भारी सुरक्षा बल के साथ अधिकरियों का हस्ताक्षेप भी बढ़ता गया, जिससे हर कोई चिंतित नजर आने लगा।
दरअसल, यह मॉक ड्रिल का हिस्सा था। मुख्य बस स्टैंड, एशिया चौक, कालिका नगर, रेलवे मार्ग, केशव नगर चौक, भूमिका मार्ग, बस स्टैंड नंबर दो, चिंतामणि चौक, बाण गंगा मार्ग आदि पर अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों ने हर वाहन की बारिकी से जांच शुरू कर दी।
इसके साथ संदिग्ध अवस्था में नजर आने वाले हर व्यक्ति की जांच की जाने लगी, जिसने समूचे कसबे में फुसफुसाहट का माहौल बना दिया। दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर सामान तक लगाने से बचने लगे तथा कई ने आधा शहर बंद ही रखा।
करीब दस बजे तक तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई के बाद अचानक सुरक्षा कर्मियों की संख्या में कमी आने लगी। इसी दौरान लोगों को सूचित किया गया कि यह कार्रवाई मात्र पुलिस सहित अन्य प्रशासन की मार्क ड्रिल को लेकर थी तथा किसी भी तरह की चिंता की बात नहीं है।
इसके बाद जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होता नजर आने लगा। इस सबंध में एएसपी कटड़ा कुलवीर सिंह व एसडीएम अनील चंदेल ने बताया कि गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा तंत्र को चौकस करने के प्रयास के उद्देश्य से यह मार्क ड्रिल पुलिस, सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी।
इस मौके पर सीआरपीएफ 2 आईसी वाईआर गुनकर, एसडीपीओ रवेल चौधरी, थाना प्रभारी अजय बट्ट सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।