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सड़क हादसों पर सरकार के खिलाफ याचिका

Sat, 14 Nov 2015 01:21 AM IST
उधमपुर, अमर उजाला ब्यूरो
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सड़क हादसों को रोकने में राज्य सरकार की विफलता के खिलाफ गैर सरकारी संगठन जन संघर्ष ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के समक्ष याचिका पेश की है। याचिका में सड़कों की हालत का जायजा लेने, अधिकारियों की जिम्मेदारी में कोताही बरतने की जांच करने, मृतकों के परिवार व जख्मी लोगों को उचित मुआवजा देने की मांग की गई।
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याचिका में संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट संजीत कुमार बवोरिया ने बताया कि 2005 में बरमीन सड़क हादसे में 37 लोग मारे गए थे और 30 से ज्यादा घायल हुए थे। मई 2014 में मरोठी बस हादसे में 24 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 51 घायल हुए थे। वहीं अक्टूबर 2015 में डालसर-रामनगर में मेटाडोर हादसे में 16 लोगों की मौत हुई थी।

इन हादसों से प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। नतीजा सड़क हादसों का सिलसिला जारी है। वहीं इस महीने 12 नवंबर को चेरनी-मजालता में मेटाडोर हादसे में 15 लोग घायल हो गए। बवोरिया ने याचिका में लिखा है कि हादसों में लोगों की मौत हो रही है। राज्य सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह सड़क हादसों को रोके।
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जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का कोई असर नहीं दिख रहा। निर्दोष लोगों का हादसों में मौत या जख्मी होना मानवाधिकार का उल्लंघन है। इसलिए उन्होंने यह अपील की है कि वह मौके का मुआयना करे और जरूरी निर्देश जारी करे। बवोरिया ने कमीशन को लिखा कि राज्य सरकार मुआवजा को लेकर भी पक्षपात कर रही है।
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