उधमपुर। योजनाओं का लाभ योग्य लोगों को नहीं मिलने पर गैर सरकारी संगठन प्रयास एक नई दिशा ने चिंता जताई है। वहीं, सरकार से मामले पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है। क्योंकि जिले में आज भी बहुत से जरूरतमंद परिवार ऐसे हैं, जिन्हें आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के लाभ की जरूरत है। मगर 2011 में हुई जनगणना सर्वे में उनका नाम शामिल नहीं होने के कारण वह स्वयं को छला महसूस कर रहे हैं। यह परिवार बेहद तंगहाली व बदहाली में जिंदगी बसर करने को मजबूर हैं।
संस्था के प्रधान पवन देव सिंह ने कहा कि साल 2011 में हुई जनगणना में कई त्रुटियाें के कारण कई गरीब परिवार बीपीएल की श्रेणी में शामिल होने से वंचित रह गए थे। इनके न तो बीपीएल राशन कार्ड बन पाए और न ही यह लोग केंद्र सरकार की ओर से गरीबों के लिए चलाई जा रही योजना का लाभ उठा पा रहे हैं। इसके लिए अलग-अलग समय में विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं व राजनीति से सबंधित लोगों द्वारा आवाज उठाई जाती रही ले मगर मामले पर कोई भी ठोस कारवाई नहीं हो पाई। मौजूदा समय में गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य जारी है, लेकिन सर्वे में नाम नहीं होने के कारण बहुत से ऐसे गरीब परिवार भी इसके लाभ से महरूम हो रहे हैं। इनको गोल्डन कार्ड की बहुत ज्यादा जरूरत है। इनके कच्चे घर गिरने की कगार पर हैं, लेकिन सूची में नाम शामिल नहीं होने के कारण यह लोग योजनाओं का लाभ लेने के लिए योग्य नहीं हैं। इसलिए सरकार और जिला प्रशासन से अपील है कि अगामी जनगणना सर्वे में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए।