जिले के पहाड़ी क्षेत्रों पर हुई मौसम की पहली बर्फबारी ने खुश्क मौसम से बढी ठिठुरन को और भी बढ़ा दिया है। लोगों को गर्म कपड़ों के साथ-साथ टोपी, मफलर और दस्ताने पहनने को भी मजबूर कर दिया है।
ठंड से बचने के लिए लोगों को आग का सहारा भी लेना पड़ रहा है। मौसम की पहली हलकी बारिश और बर्फबारी से बारिश की आस लगाए किसानों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन इससे बढ़ी सर्दी ने शहर के सामान्य जनजीवन की मुश्किलों को काफी हद तक बढ़ा दिया है।
तापमान में लगातार गिरावट के कारण कामकाजी लोगों और स्कूली बच्चों की दिनचर्या पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। शहर के साथ लगते मैदानी इलाके भी घने कोहरे की चपेट में आने से बेहाल है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में भारी बारिश हो सकती है। इससे आने वाले समय में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
इस बार की सर्दी की शुरुआत में ही पिछले कुछ दिनों से बने खुश्क मौसम ने तापमान में लगातार गिरावट दर्ज करवाई है। इसके चलते आज भी दिन भर हलकी बारिश के साथ आसमान में घने बादलों ने अपना डेरा जमाए रखा। रविवार की छुट्टी को घर में ही दुबककर बिताने को मजबूर बनाया।
चिनैनी में तीन दिनों से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए हैं। शनिवार और रविवार को कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। ऊंची पर्वतीय शृंखलाओं पर सीजन की पहली हलकी बर्फबारी भी हुई। नत्थाटाप का मैदान सफेद हो गया है, लेकिन दिन भर धुंध छाई रही। ठंडी हवाएं लोगों को और ठिठुरा रही थी।
रविवार की छुट्टी लोगों ने घरों में दुबक कर ही बिताई। रामनगर में भी शीतलहर का प्रकोप है। लोग दिन भर घरों में रहना ही पसंद कर रहे थे। भद्रवाह के मैदानी इलाके में शनिवार की रात से ही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। चिंता, भेजा, शेरखी, धनाला, कनसर, थुवा, बसती आदि गांवों में भी बर्फ गिर रही है।
रविवार शाम तक रुक-रुक कर बारिश भी जारी थी। किश्तवाड़ जिले के वाड़वन, बोंजवा और कुछ पाडर के इलाकों में भी बर्फबारी हुई है। लोगों ने ताजा बर्फ पड़ने का आनंद भी उठाया। लेकिन ठंड से लोग बेहाल भी हो रहे हैं। रियासी जिले में सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए, जिससे ठंड का शिकंजा कसा रहा।
कई ट्रेनों की आवाजाही रही प्रभावित
जम्मू-कटड़ा के बीच चलने वाली रेल मार्ग पर छाए कोहरे के कारण लगभग सभी गाड़ियां देरी से अपने गंतव्य पर पहुंची। कोहरे के कारण देरी से पहुंचने वाली ट्रेनों में उधमपुर से नई दिल्ली के बीच चलने वाली उतर संपर्क क्रांति उधमपुर से कोटा के बीच चलने वाली आंनद विहार, उधमपुर से इंदौर के बीच चलने वाली मालवा एक्सप्रेस, उधमपुर से दिल्ली के बीच की चलने वाली जम्मू मेल, कटरा व जम्मू के बीच चलने वाली डीएमयू भी काफी हद तक प्रभावित रही।
सड़क यातायात पर भी पड़ा बुरा असर
रौनदोमेल, कशीराह, जगानु, कावा, जैसे कई मैदानी इलाके भी लगभग दिन के एक बजे तक घने कोहरे की चपेट में रहे। तथा इन रूटों पर भी गाड़ियों की आवाजाही काफी प्रभावित रही। घने कोहरे से हादसों की आशंका बनी रही। ठंड के बावजूद बारिश की आस लगाए मायूस किसानों के चेहरों पर हल्की बूंदाबांदी तथा आसमान में दिनभर छाए बादलों ने अच्छी फसल की आस जगा रहे हैं।