उधमपुर। कोरोना संकट बढ़ने के बाद सरकार की तरफ से लगाए 34 घंटे के कोरोना कर्फ्यू के दौरान देविकानगरी दिनभर छावनी में तब्दील रही। शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। जो भी व्यक्ति बाजार पहुंचा तो पुलिस ने उसको रोक कर पूछताछ की। इसके बाद ही लोगों को बाहर निकलने की अनुमति दी गई। दवाई की दुकानें सुबह से शाम तक खुली रहीं। बेवजह बाजार पहुंचे लोगों को चेतावनी देकर वापस भेजा गया।
सरकार की तरफ से शनिवार शाम को रात आठ बजे से सोमवार सुबह छह बजे तक कोरोना कर्फ्यू का एलान कर दिया गया था। शनिवार रात को आठ बजते ही कोरोना कर्फ्यू को लागू कर दिया गया। रात को ही पूरी देविकानगरी छावनी में तब्दील कर दी गई। रविवार सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो शहर की सड़कों पर सन्नाटा छाया हुआ था और सड़कों पर चंद वाहन चल रहे थे। पुलिस ने गोल मार्केट, इंदिरा चौक, सलाथिया चौक, सुभाष चौक, एमएच चौक, सैला तालाब चौक, कैप्परी व शहर के विभिन्न हिस्सों में पुलिस ने नाका लगा कर रखा था।
जो भी वाहन चलता नजर आया तो उसमें सवार व्यक्ति से पूछताछ की गई। जरूरी सेवाओं में जुटे लोगों को पहचान पत्र देखने के बाद जाने की अनुमति दे दी गई। लेकिन जो बिना किसी कारण के बाहर निकला तो उसको पुलिस ने चेतावनी देकर वापस भेज दिया गया। पुलिस का एक वाहन शहर के विभिन्न हिस्सों में चक्कर लगाकर लोगों को कोरोना कर्फ्यू की जानकारी दे रहा था और पुलिसकर्मी लोगों से अपील कर रहा था कि सोमवार सुबह छह बजे तक कोई भी घर से बाहर नहीं निकला। कोरोना कर्फ्यू के चलते शहर में स्थित मंदिरों को भी बंद करवा गया। काफी संख्या में लोग सुबह के समय देविका के मंदिरों में पहुंचे हुए थे। जब पुलिस को इसकी सूचना मिली तो तुरंत मंदिरों के पुजारियों के साथ संपर्क कर मंदिरों को बंद करवा दिया गया। देविकानगरी में दिनभर प्रतिबंध लगा कर रखा गया और कोरोना कर्फ्यू को सख्ती के साथ लागू किया गया।