संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। बच्चों में तेजी से पैर पसार रही आनुवंशिक बीमारी थैलेसीमिया को लेकर डॉक्टरों ने गंभीर चिंता जताई है। यह खून से जुड़ी एक आनुवंशिक बीमारी है जो माता-पिता के जरिए बच्चों में पहुंचती है।
इस बीमारी में बच्चे का शरीर पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता, जिससे शरीर में खून की भारी कमी होने लगती है और मरीज बेहद कमजोर हो जाता है।
डॉक्टरों के अनुसार, यदि माता और पिता दोनों थैलेसीमिया कैरियर (वाहक) हैं, तो उनके बच्चे को थैलेसीमिया मेजर होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
यदि केवल एक ही माता या पिता कैरियर हैं, तो खतरा काफी कम रहता है। गर्भावस्था के 10 से 12 हफ्तों के भीतर जांच कराकर गर्भ में पल रहे बच्चे में इस बीमारी का पता समय रहते लगाया जा सकता है।