स्वास्थ्य विभाग की दस इमारतों का निर्माण कार्य दस वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। पीडब्ल्यूडी विभाग आज तक इस काम को पूरा करने में नाकाम रहा है। अपनी इमारतें नहीं होने के कारण स्वास्थ्य विभाग की परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है और विभाग किराए की इमारतों से अपना काम चला
रहा है। जिले की करीब छह लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने की जिम्मेदारी संभालने वाले स्वास्थ्य विभाग के पा इमारतों की कमी है।
अपनी इमारत की सुविधा नहीं होने के कारण विभाग परेशानियों से जूझ रहा है। जिले में काफी संख्या में स्वास्थ्य केंद्र किराए की इमारत में चल रहे हैं। जहां हर रोजाना मरीज व स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ समस्याओं का सामना कर रहा है। कुछ पीएचसी, सब सेंटर व एलोपैथिक डिस्पेंसरी क्षतिग्रस्त इमारतों में चल रही हैं। पुरानी इमारतें कभी भी हादसों को न्योता दे सकती हैं।
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 2007-08 में स्वास्थ्य विभाग ने 44 इमारतों के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को सौंपी थी। इसके लिए फंड भी पूरे उपलब्ध करवाए गए थे। पीडब्ल्यूडी को इन इमारतों का निर्माण कार्य 2011 में पूरा करके देना था। लेकिन एक भी इमारत का निर्माण कार्य समय पूरा नहीं किया गया। दस वर्ष के दौरान पीडब्ल्यूडी ने 34 इमारतों का निर्माण पूरा कर लिया है, लेकिन दस इमारतों का निर्माण आज तक चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग इनके पूरा होने का इंतजार कर रहा है। पीडब्लयूडी के पास ज्यादातर पीएचसी की इमारतों का काम पूरा करना बाकी है।
इनके निर्माण कार्य पूरा करने को लेकर जल्द पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी। जल्द से जल्द दस इमारतों का निर्माण कार्य
पूरा करके विभाग को सौंपने को कहा जाएगा।
-डॉ. चंद्रप्रकाश, सीएमओ