काला धन बचाने के लिए फटाफट सोने की खरीदारी होने की सूचना पर आयकर विभाग ने शुक्रवार को कई स्वर्णकारों की दुकानों पर दबिश देकर सर्वे किया। मौके पर मौजूद ग्राहकों के बिल और दुकानदारों की रजिस्टर जांची और दुकानदारों के बिल बुक के पन्नाें पर अपनी मुहर लगा दी।
आयकर विभाग की इस पहल से शहर के सभी स्वर्णकारों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर निकल लिए। अलबत्ता विभाग की टीम ने चार दुकानों पर दबिश दी। दरअसल विभाग को शिकायत मिली थी कि स्वर्णकार एक सप्ताह या उससे भी पहले की तारीख में बिल काट कर सोना बेच रहे हैं। इस तरह काला धन बचाने की जानकारी पर आयकर विभाग की टीम ने सर्वे शुरू किया।
आला अधिकारियों की टीम पुलिस दल के साथ जैसे ही बाजार में पहुंची कि स्वर्णकारों की दुकानों के रिकार्ड की जांच शुरू कर दी। उसके बाद आयकर विभाग के अधिकारियों ने स्वर्णकारों ने ग्राहकों को दिए जाने वाले बिलों पर भी विभाग की मुहर लगाई गई। इस बीच छापेमारी की बात शहर में फैल गई, जिससे कई स्वर्णकारों ने अपनी दुकानों को बंद कर दिया।
गौरतलब है कि प्रधानंत्री ने 500 व 1000 के नोट बंद करने के बाद पूरे देश में अफरातफरी मच गई हैं। लोग जल्दी-जल्दी अपने पास रखे 500 व 1000 के नोटों को बैंक में जमा करवना चाहते हैं। लेकिन जिन लोगों के पास आय अधिक है, वे किसी न किसी तरह पैसों को सोने के माध्यम से बचाना चाहते हैं। दिल्ली में भी इस प्रकार की कालाबाजारी सामने आने के बाद यहां भी छापेमारी शुरू कर दी गई।
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर स्वर्णकारों की दुकानों की जांच की गई है। जांच के दौरान स्वर्णकारों के रिकार्ड की जांच की गई। उसके बाद विभाग की ओर से ग्राहकों को दिए जाने वाले बिल मोहर लगाई गई है। आयकर विभाग को यह संदेह था कि धन की कालाबाजारी करने के लिए लोग सोने खरीद रहे हैं।
-एमएल डोगरा, आयकर विभाग अधिकारी
उधमपुर स्वर्णकार संघ केंद्र सरकार के साथ है। आयकर विभाग अपना काम कर रहा है, लेकिन जब तक उधमपुर में पूरी तरह से नये नोट नहीं आ जाते हैं। तब तक स्वर्णकारों की दुकानें खुली तो रहेंगी, लेकिन कारोबार नहीं होगा। स्वर्णकार ईमानदारी से काम कर रहे हैं। छापेमारी के बाद किसी भी दुकानदार ने अपनी दुकान बंद नहीं की। शादियों का सीजन होने के कारण कुछ स्वर्णकारों की दुकानें बंद थी।
-जोगेंद्र वर्मा, प्रधान
स्वर्णकार संघ, उधमपुर