संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। स्थायी करने, पुरानी पेंशन प्रणाली बहाल करने और न्यूनतम मजदूरी अधिनियम लागू करने की मांग को लेकर नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की काम छोड़ हड़ताल शुक्रवार को आठवें दिन भी जारी रही। हड़ताल से शहर में अब सफाई व्यवस्था चरमरा रही है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगने लगे हैं।
सफाई कर्मचारियों ने शुक्रवार को कामकाज बंद रखकर नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना लगाया और प्रदर्शन कर मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा, जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, प्रदर्शन और हड़ताल इसी तरीके से जारी रखी जाएगी। अखिल भारतीय सफाई कर्मचारी यूनियन के जेके यूटी अध्यक्ष डेविड संधू ने कहा कि वीरवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बातचीत हुई है। उन्हें अपनी सभी परेशानियां बताईं। यह भी बताया कि बहुत से सफाई-कर्मचारी लंबे समय से पूरी ईमानदारी से अपनी सेवाएं दे रहें हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारी नहीं बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश के 61 हजार अस्थायी कर्मचारियों में सफाई कर्मियों का मुद्दा नहीं आता है क्योंकि हमारी अपनी स्वायत्तता बाडी है और अपने नियम हैं जिसके आप मंत्री हो। लिहाजा हमारा मुद्दा जल्द से जल्द करना आपका दायित्व बनता है। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि वह मुख्य सचिव से विचार-विमर्श कर इस मसले के समाधान की आगे की जानकारी देंगे।
संधू ने कहा कि मुख्यमंत्री की मुख्य सचिव के साथ बैठक के बाद क्या परिणाम आता है हमें इसका बेसब्री से इंतजार है लेकिन तक तक हम अपनी काम छोड़ हड़ताल रखेंगे और दो चार दिन के बाद अगर मुख्यमंत्री उनकी मांगों के बारें में कोई सकारात्मक संकेत देते हैं तो काम पर वापस लौटने पर विचार किया जाएगा।
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डंपिंग स्टेशनों पर भी भरा कचरा
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में कचरे के ढेरों की भरमार लग गई है। विभिन्न चौक चौराहों और डंपिंग स्टेशनों पर काफी मात्रा में कचरा भर चुका है। जिससे शहरवासी व आम राहगीर परेशान हों रहे हैं। शहरवासियों का कहना है कि अगर जल्द ही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म नहीं हुई तो परेशानी काफी ज्यादा बढ़ जाएगी। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए।