- पिछले दिनों कई को बना चुके निशाना
- समाजसेवी संस्था का भी लेंगे सहयोग, मुहैया कराई जाएगी टूलकिट
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर में लावारिस कुत्तों की संख्या और पागल कुत्तों का खतरा बढ़ गया है। पिछले कुछ दिनों में यह कुत्ते करीब 10 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। इस समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद ने विशेष दल गठित करने की तैयारी शुरू कर दी है। समाजसेवी संस्था के सहयोग से इस टीम को टूलकिट भी मुहैया कराई जाएगी।
इसी माह दो कुत्तों ने करीब 10 लोगों को काटा और कई मवेशियों को भी अपना शिकार बनाया। इसका संज्ञान लेते हुए नगर परिषद ने शहर के सभी वार्डोें में लावारिस कुत्तों के लिए पानी पीने के बर्तन रखने का निर्णय लिया है। ताकि पानी की कमी और गर्मी के कारण कुत्ते बीमार न पड़ें।
नगर परिषद की ओर से शहर में आवारा कुत्तों की धरपकड़ के लिए विशेष टीम का गठन किया जा रहा है। परिषद की ओर से बनाई जा रही विशेष टीम में नगर परिषद के कर्मचारी शामिल होंगे। इसके लिए समाजसेवी संस्था के सदस्य भी अपना सहयोग देंगे।
- इनसेट -
रेबीज की चपेट में आने से पागल हो रहे कुत्ते
लोगों का मानना है कि लगातार बढ़ती गर्मी के कारण कुत्ते पागल हो रहे हैं लेकिन पशु चिकित्सकों ने इससे इन्कार किया है। विभाग के मुताबिक रेबीज बीमारी की चपेट में आने से कुत्ता पागल हो जाता है। किसी पागल जानवर या कुत्ते के काटने से दूसरे कुत्तों और मवेशियों में यह बीमारी फैलती है। पागल कुत्ते को पीने के लिए पानी भी नहीं दिया जाता है।
- दो कोट -
विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध है। सभी लोगों को अपने पालतू कुत्तों को टीका लगा लेना चाहिए। आवारा कुत्तों के बीमार होने या फिर सड़क हादसे में घायल होने पर विशेषज्ञ उनका इलाज करते हैं। -
संजय गुप्ता, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, उधमपुर।
लावारिस कुत्तों खासतौर पर पागल हो रहे कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन किया जा रहा है। ताकि समय पर कुत्ते पकड़ने से अन्य लोगों को उनका शिकार होने से बचाया जा सके। इसके साथ ही शहर के सभी वार्डों में पानी रखने के लिए खुले बर्तन भी लगाए जाएंगे। -
विशाल, सीईओ नगर परिषद,
उधमपुर।