सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए किसानों से ली कृषि संबंधी जानकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। उपमंडल कृषि अधिकारी (एडीएओ) अजय शर्मा ने शुक्रवार को चिनैनी क्षेत्र का एक दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने चुलियार, बशट, सुधमहादेव, कोसर, टंडार आदि क्षेत्रों सहित प्रमुख पंचायतों में जाकर क्षेत्र स्तरीय कृषि प्रगति की निगरानी की और सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए किसानों से कृषि संबंधी जानकारी ली।
शर्मा ने जमीनी स्तर पर उपलब्धता का आकलन करने के लिए कई खेतों पर निरीक्षण किए। उन्होंने गांवों में कृषि गतिविधियों में लगे किसानों से सीधे बातचीत की। इन क्षेत्रस्तरीय बातचीत से एसडीएओ ने चिनैनी क्षेत्र में किसानों के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों, उपलब्धियों और नवाचारों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की।
एडीएओ शर्मा ने किसानों को नोल खोल, गोभी, फूलगोभी और लहसुन की फसल की प्रभावशाली पैदावार और गुणवत्ता के लिए प्रेरित किया। किसानों की समर्पण भावना और आधुनिक कृषि के लक्ष्यों के अनुरूप टिकाऊ एवं प्रगतिशील तकनीक अपनाने के लिए उनकी सराहना की।
विभिन्न सरकारी पहलों के तहत चल रहीं कृषि योजनाओं की समीक्षा और मूल्यांकन के लिए एडीएओ शर्मा ने कार्यक्रमों की स्थिति लेकर उनमें किसानों की भागीदारी की समीक्षा की।
एडीएओ शर्मा ने किसान दक्ष पंजीकरण, केंद्रीकृत कृषि सेवा प्रणाली में किसानों की जागरूकता और डिजिटल ऑनबोर्डिंग, किसान क्रेडिट कार्ड, वित्तीय समावेशन, ऋण पहुंच का मूल्यांकन, जम्मू-कश्मीर फसल बीमा कार्यक्रम, फसल जोखिम शमन योजना के तहत किसानों के पंजीकरण, दावा स्थिति, समग्र कृषि विकास कार्यक्रम, विविधीकरण, संसाधन संरक्षण, मूल्य संवर्धन के बारे में कार्यान्वयन प्रगति और जागरूकता का आकलन किया।
एसडीएओ ने इन योजनाओं में किसानों की भागीदारी के महत्व पर जोर दिया और फील्ड स्टाफ को पात्र लाभार्थियों को आवश्यक सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अंडार और आसपास बने कृषि खिदमत घरों का दौरा भी किया। इनमें बुनियादी ढांचे, सेवा वितरण, इनपुट उपलब्धता और क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की जवाबदेही की समीक्षा की गई। एसडीएओ ने कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि केकेजी किसानों की जरूरतों को पूरा करने में सुलभ, कुशल और सक्रिय रहें।
दौरे के समापन पर कृषि विभाग के अधिकारियों और जोन चिनैनी के कर्मचारियों के साथ बैठक भी की गई। इस दौरान रसद चुनौतियों, किसानों की शिकायतों, कर्मचारियों की आवश्यकताओं और आगामी मौसमी योजनाओं सहित विभिन्न परिचालन पहलुओं पर चर्चा की गई।