इन सुरंगों का निर्माण उन ऊंचाई वाले इलाकों को पार करने के लिए किया जाएगा, जहां अक्सर भूस्खलन और सर्दियों में बर्फबारी के कारण सड़क संपर्क बाधित हो जाता है। परियोजना के पूरा होने के बाद चिनैनी, उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़ और कश्मीर घाटी के बीच आवागमन आसान और अधिक सुरक्षित हो जाएगा।
इस परियोजना को लेकर उधमपुर के बश्त पंचायत क्षेत्र के किसानों में खासा उत्साह है। यह इलाका टमाटर, बीन्स और अन्य मौसमी सब्जियों के उत्पादन के लिए जाना जाता है। किसानों का कहना है कि सर्दियों में सड़क बंद होने के कारण उनकी फसलें समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पाती थीं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।
किसान बलराज चंद ने कहा कि नई सड़क और अब बनने वाली सुरंग से क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यात्रा का समय कम होगा और किसानों की सब्जियां व अन्य कृषि उत्पाद जल्दी और आसानी से बड़े बाजारों तक पहुंच सकेंगे। पूर्व सरपंच सुरिंदर सिंह ने बताया कि सुरंग बनने से किसानों को जम्मू और श्रीनगर की मंडियों तक सीधी पहुंच मिलेगी। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना केवल कृषि क्षेत्र के लिए ही नहीं, बल्कि रोजगार, पर्यटन और व्यापार के लिए भी नई संभावनाएं पैदा करेगी। सुरंगों के निर्माण से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने के साथ क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।