शनिवार शाम आए तूफान और तेज बारिश से जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त
-कई इलाकों में रातभर गुल रही बिजली, लोगों ने उठाई बिजली ढांचे को मजबूत करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शनिवार शाम को आए तूफान और तेज बारिश के कारण उधमपुर के कई शहरी इलाकों के साथ चिनैनी, मजालता, बरमीन और रामनगर के कई ग्रामीण इलाकों में रातभर बिजली गुल रही। हालांकि कहीं से भी बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचने की जानकारी नहीं है।
हालांकि कई जगहों पर बिजली के तार टूटने, कहीं फ्यूज उड़ने और कहीं बिजली आपूर्ति लाइनों में फाल्ट आने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। तूफान और बारिश थमने के बाद बिजली विभाग के कर्मियों ने रात में ही मोर्चा संभाला और ज्यादातर इलाकों की बिजली बहाल कर दी लेकिन चिनैनी में 14 घंटे और मजालता में 20 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई। संबंधित इलाकों में लोग रात भर अंधेरे में रहे। घरों में इन्वर्टर और लोगों के मोबाइल तक की बैटरी खत्म हो गई।
शहर के भीतर बाडेयां, जेपी वर्कशाप, शिवनगर, शक्ति नगर, करण नगर, गैढां तालाब, चरी स्वैल आदि इलाकों में पांच से 11 घंटे के बाद बिजली बहाल हो पाई। तूफान से बिजली आपूर्ति के अलावा मजालता में पेड़ टूटने के साथ ही टिन शेड और कुछ होर्डिंग्स उड़ने तथा तहसील रामनगर के ब्लाॅक घोरड़ी में गुज्जर समुदाय के कुछ कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।
वहीं बिजली बंद होने की समस्या से परेशान लोगों का कहना था कि बिजली विभाग मात्र स्मार्ट मीटर लगाकर चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के दावे कर रहा है जबकि जिला के भीतर बिजली विभाग का ढांचा इतना कमजोर है कि थोडी सी हवा चलने पर भी तार टूट कर जमीन पर आ गिरते हैं। फ्यूज उड़ जाते हैं और ट्रांसफार्मर तक जल जाते हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में लोगों को कई घंटों और कई बार कई-कई दिनों तक बिना बिजली के रहना पड़ता है। बीती शाम चली तेज हवाओं और बारिश ने भी बिजली विभाग के स्मार्ट मीटर लगाकर लोगों को चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के दावों की पोल खोल कर रख दी है।
स्थानीय विनय सलारिया, अरुण कुमार, अनिल, ऋषि मल्होत्रा व अन्य ने कहा कि विभाग बिजली ढांचे में पहले सुधार करे। हाल ही में बिजली विभाग ने बिल भुगतान के लिए प्रीपेड सेवा भी शुरू कर दी है लेकिन इस सेवा में भी कई खामियां हैं। लोग बिजली बिल जमा करने को लेकर परेशान हो रहें हैं, जो दावे इस सेवा के माध्यम से किए गए हैं वे आधे अधूरे हैं। इसलिए बिजली विभाग को अपनी बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सही करने की जरूरत है।
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कोट...
तूफान से बिजली ढांचे को किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। कुछ जगहों पर पेड़ों के गिरने से बिजली तारोें के टूटने जैसी वजहों से आए फाल्ट को ठीक कर सभी जगहों पर बिजली आपूर्ति को बहाल कर दिया गया है। बाकी बिजली ढांचे की मजबूती के लिए रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना मंजूर है जिसपर निविदा प्रक्रिया के पूरी होने के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है।
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सुनील दत्त पंडोह, एक्सईएन पीडीडी, उधमपुर