चिनैनी। महाशिवरात्रि के लिए शिव धरती के नाम से प्रसिद्ध चिनैनी में तैयारियां पूरीं कर ली गई हैं। प्राचीन शिवालयों को सजाया जगनमालाओं से सजाया गया है। जगह-जगह मंदिरों से भोले के जयकारे गूंजने शुरू हो गए हैं। इस बार भी महापर्व पर जहां विशेष पूजा होगी वहीं भंडारों का भी आयोजन किया जाएगा। चिनैनी और गौरीकुंड में जागरण का आयोजन किया जाएगा।
सुद्धमहादेव धर्मार्थ ट्रस्ट के प्रबंधक अशोक कुमार ने बताया कि महाशिवरात्रि पर मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन होगा। मंदिर में अलसुबह साढ़े चार, शाम को सात, दस और देर रात 12 बजे विशेष पूजन किया जाएगा। गौरीकुंड में भी महाशिवरात्रि पर्व पर पांच विशेष पूजाएं हाेंगी। गौरीकुंड मंदिर कमेटी के कैशियर सोम राज गोस्वामी ने बताया कि इस बार विशाल जागरण सहित विशेष पूजाएं पांच बार होंगी। मंदिर में पर्व की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मानतलाई, दौशाला मंदिर, बाबा बूढ़ा केदारनाथ, छोटा अमरनाथ गुफा में भी महाशिवरात्रि पर कार्यक्रम होंगे।
भगवान शिव का विवाह स्थल है मानतलाई
मानतलाई भगवान शिव का विवाह स्थल है, जिस कारण क्षेत्र लोगों में इसके प्रति अपार आस्था है। यहां पर एक कुंछ है जो मौजूदा समय में तलाई के रूप ले चुका है। मान्यता है कि उस स्थान पर भगवान भोले और माता पार्वती ने सात फेरे लिए थे।