संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। धर्मनगरी में बीती रात हुई बारिश के साथ ही मां वैष्णो देवी के त्रिकुटा पर्वत की ऊंची चोटियों पर इस सर्दी में दूसरी बार बर्फबारी हुई। हालांकि, भवन में हल्की बारिश हुई, लेकिन ऊपरी चोटियों पर करीब दो इंच तक बर्फ गिर चुकी है। इस वर्ष दिसंबर के मुकाबले जनवरी में बर्फबारी का दूसरा दौर देखने को मिला है, हालांकि यह बर्फबारी पहले जैसी नहीं थी।
मौसम के इस बदलाव के कारण भवन तक वाहनों का संचालन भी प्रभावित हुआ। अगर मकर संक्रांति से पहले बर्फबारी होती तो वह लंबे समय तक रहती, लेकिन मकर संक्रांति के बाद बर्फ तेजी से पिघल जाती है। इसके अलावा, मकर संक्रांति के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट आती है और उसी समय प्राचीन गुफा के द्वार खोले जाते हैं। गुफा के द्वार खुलने के साथ-साथ कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं को प्राचीन गुफा में दर्शन की अनुमति भी दी जा रही है।
वहीं, रविवार को 22,500 श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के भवन में नमन करने पहुंचे और इन ठंडे मौसम में भी श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। वे मां के जयकारे लगाते हुए भवन की ओर बढ़ रहे थे।
मौसम के हालात को देखते हुए, अगर रात को बारिश होती है, तो बर्फबारी की संभावना और बढ़ सकती है, क्योंकि मौसम अभी भी बारिश का बना हुआ है। दिनभर सूर्य देव बादलों के बीच लुकाछिपी करते रहे और बादल छाए रहे, जिससे मौसम ठंडा रहा। इसके बावजूद हेलिकॉप्टर, बैटरी कार और रोपवे सेवा श्रद्धालुओं के लिए निरंतर जारी रही।