कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (एसएमवीडीयू) की छात्रा पलवीन कौर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। पलवीन ने विकसित भारत 2047 विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। यह उपलब्धि न केवल छात्रा के लिए बल्कि विश्वविद्यालय के शोध वातावरण के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 28 मार्च को सनराइज इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट उन्नाव द्वारा करवाया गया था जिसे काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी लखनऊ द्वारा प्रायोजित किया गया। सम्मेलन में देश-विदेश के शोधार्थियों ने हिस्सा लिया, जहां पलवीन ने वर्चुअल माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराई।
इंटीग्रेटेड बीएससी (ऑनर्स) एमएससी की छात्रा पलवीन कौर ने फ्रॉम मॉर्फोलॉजी टू मेडिसिन: अनवीलिंग द रीजेनेरेटिव एंड थेरेप्यूटिक पोटेंशियल ऑफ कॉस्टस इग्नियस विषय पर मौखिक शोध प्रस्तुत किया। शोध में बताया गया कि औषधीय पौधे कॉस्टस इग्नियस में फ्लेवोनॉयड्स, एल्कलॉयड्स और टरपेनॉयड्स जैसे महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं। यह पौधा एंटी-डायबिटिक (मधुमेह रोधी), एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है।
पलवीन वर्तमान में प्रो. शारदा एम. पोटुकुची के मार्गदर्शन में रिसर्च कार्य कर रही हैं। उन्होंने कुलपति प्रो. प्रगति कुमार और स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के प्रमुख डॉ. अनिल कुमार का आभार व्यक्त किया।
छात्रा की अंतरराष्ट्रीय सफलता पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने खुशी जताई। कुलपति प्रो. प्रगति कुमार ने पलवीन को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे शोध न केवल विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक हैं बल्कि चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में भी नई दिशा प्रदान करते हैं।