उधमपुर। सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने मंगलवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रख कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार के गलत फैसलों के कारण आने वाले दिनों में बैंक कर्मचारियों के साथ जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए सरकार को तुरंत निर्णय वापस लेना चाहिए।
यूनाइटेड बैंक फोरम के बैनर तले बैंक कर्मचारियों ने सुबह करीब 11 बजे एसबीआई के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बैंक कर्मचारियों ने बताया कि देशभर में यूनाइटेड बैंक फोरम की तरफ से दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया गया था। उधमपुर के बैंक कर्मचारियों ने इसका पूरा समर्थन किया है और दो दिन के लिए कामकाज बंद रख कर अपनी बात को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। सरकारी बैंकों का निजीकरण करना पूरी तरह से गलत है। इससे बैंक कर्मचारियों को तो परेशानी होगी ही, लेकिन इसके बाद उपभोक्ता भी परेशान होंगे। सबसे अधिक परेशान ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को होगी।
निजी बैंक ग्रामीण इलाकों में अपनी शाखाएं नहीं खोलते हैं। जब सरकारी बैंक का निजी बैंक में विलय किया जाएगा तो ग्रामीणों को बैंकिंग की सुविधा नहीं मिल सकेगी। इससे आने वाले समय में रोजगार के अवसर भी बंद हो जाएंगे। निजी बैंक कभी भी अपने कर्मचारियों को बैंक से निकाल सकते हैं। इससे बैंक कर्मचारियों का भविष्य खराब हो जाएगा। बैंक कर्मचारियों ने मजबूरी में हड़ताल करने का निर्णय लिया था। सरकार को अपना निर्णय हर कीमत पर वापस लेना होगा। देश के बैंक कर्मचारियों ने दो दिन तक शांतिपूर्ण तरीके से हड़ताल कर अपनी बात को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया है, लेकिन आने वाले दिनों में अगर इस निर्णय को वापस नहीं लिया जाता है तो फिर से हड़ताल करने को मजबूर हो जाएंगे। हड़ताल के कारण दूसरे दिन भी उपभोक्ता परेशान रहे।