-पानी और चहारदीवारी की समस्याएं न सुलझने से विद्यार्थियों को हो रहीं परेशानियां
-स्थानीय प्रतिनिधियों ने की इस विद्यालय में संसाधन बढ़ाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। चिनैनी शिक्षा जोन के मिडिल स्कूल चलयाड़ में पेयजल और शिक्षकों की कमी है। चहारदीवारी भी अधूरी बनी है। स्थानीय प्रतिनिधियों ने इस विद्यालय में संसाधन बढ़ाने की मांग की है। स्कूल में अध्यापकों के कुल सात पद हैं, जबकि तीन खाली पड़े हुए हैं।
पूर्व सरपंच गायत्री देवी, सुभाष चंद्र, सुषमा देवी, मोहम्मद असलम ने बताया कि मिडिल स्कूल में करीब 160 से ज्यादा विद्यार्थी शिक्षा हासिल करते हैं, जिन्हें पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। यह समस्या सुलझाने, स्कूल में पानी की रोज और नियमित आपूर्ति के लिए अलग लाइन होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्कूल में चहारदीवारी भी पूरी जगह नहीं हुई है, ऐसे में कई बार जानवर भी स्कूल के अंदर घुस जाते हैं। वह फुलवारी नष्ट कर देते हैं और हादसे का भी डर रहता है। लोगों ने कहा कि यह स्कूल वर्ष 1977 को प्राइमरी के तौर पर खुला था, जिसे वर्ष 2004 को मिडिल का दर्जा मिल पाया था।
स्कूल में चलयाड़ और आसपास के गांव के बच्चे पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं, जिन्हें शिक्षकों की कमी भी परेशान करती है। लोगों ने प्रशासन से मिडिल स्कूल चलयाड़ में सभी कमियां जल्द दूर करने की मांग की है ताकि विद्यार्थियों को परेशानी न हो।
वहीं, जेडईपीओ कुलदीप सिंह ने कहा कि मिडिल स्कूल चलयाड़ में चहारदीवारी निर्माण कार्य को विकास योजना में रखा जाएगा। शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि हर समस्या जल्द दूर होगी।