शिवखोड़ी रनसु में व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट
प्रशासनिक पाबंदियों के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट, समय बढ़ाने की मांग
पौनी। शिवखोड़ी रनसु में इन दिनों कम चहल-पहल है। प्रशासन द्वारा यात्रा और वाहनों की आवाजाही के लिए तय की गई समयसीमा का असर व्यापार और स्थानीय लोगों के रोजगार पर पड़ रहा है। करीब डेढ़ वर्ष पहले कंडा क्षेत्र में यात्री बस पर आतंकी हमला हुआ था। इसके बाद सुरक्षा कारणों से शाम पांच बजे के बाद यात्री वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई, जो अब यात्रा की रफ्तार थाम रही है।
मंदी से परेशान दुकानदारों का कहना है कि जब से यात्रा की समयसीमा तय की गई है, तब से कम श्रद्धालु शिवखोड़ी पहुंच रहे हैं। ऐसे में रोजी का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में यात्रा का समय रात 9 बजे तक किया जाए। रनसु बाजार के व्यापारियों के अनुसार उनकी पूरी आजीविका धार्मिक पर्यटन पर टिकी है। बिट्टू शर्मा के अनुसार हालात ऐसे हैं कि पूरा धंधा मंदा हो गया है।
बलवीर सिंह बताते हैं कि यात्रा की समयसीमा कम करने का कारण सुरक्षा व्यवस्था बताया जा रहा है लेकिन प्रशासन को सोचना चाहिए कि इतना बड़ा धार्मिक तीर्थ स्थान है, जिससे देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। दिन में सुरक्षा व्यवस्था हो सकती है तो रात्रि में क्यों नहीं हो सकती? अगर प्रशासन चाहे तो शाम नौ बजे तक यात्रा को चलाए ताकि घोड़ा, पिट्ठू, पालकी, दुकानदार सहित टैक्सी संचालकों का रोजगार चलता रहे।
मेले में भी दिखा असर
व्यापारी संतोख सिंह ने बताया कि महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व पर भी इस बार बहुत कम श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने तर्क दिया कि माता वैष्णो देवी के दर्शन कर कटड़ा से चलने वाले यात्री दोपहर 2 बजे के करीब रनसु पहुंचते हैं। गुफा तक जाने और दर्शन करने में शाम के 5 बज जाते हैं। ऐसे में 6 बजे की पाबंदी के कारण वे वापस कटड़ा नहीं जा सकते। इसी डर से कई श्रद्धालु रनसु बाजार से ही लौट रहे हैं। इसी तरह वृत्तू शर्मा ने बताया कि शिवखोड़ी यात्रा स्टेशन है। अगर यात्रा है तो रोजगार है। अब समय की पाबंदी के कारण कम यात्री शिवखोड़ी में आ रहे हैं। कई श्रद्धालु बिना दर्शन किए ही कटड़ा रवाना हो रहे हैं।
उप राज्यपाल के समक्ष रखेंगे मुद्दा
गंभीर मुद्दे पर डीडीसी केवल कृष्ण शर्मा ने चिंता जताते हुए कहा कि मंदी से हर वर्ग परेशान है। उन्होंने विधायक कुलदीप राज दुबे को समस्या से अवगत कराया है। विधायक ने आश्वासन दिया है कि इस मसले को उच्च अधिकारियों के समक्ष कई बार उठाया गया है और अब वे उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात कर यात्रा को सुचारू बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग करेंगे।