किश्तवाड़। जिले के प्रसिद्ध सरथल मंदिर में माता अष्ठादश भुजा के दरबार में एक सप्ताह से विश्व शांति के लिए जारी शतचंडी महायज्ञ रविवार को पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। छड़ी चढ़ाने के बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारा भी लगाया गया।
गौरतलब रहे कि 17 जुलाई को किश्तवाड़ के गौरी शंकर मंदिर सरकूट से कोविड एसओपी के तहत वार्षिक सरथल यात्रा निकाली गई थी, जिसका शाम को मंदिर परिसर में स्वागत किया गया था। रविवार सुबह 11 बजे माता की थाली व खठोला लेकर संजीव कुमार परिहार सरथल देवी ट्रस्ट के उपाध्यक्ष के नेतृत्व में माता अष्टादश भुजा के दरबार में पहुंचे। इस दौरान ढोल नगाड़ों पर यात्रियों ने खूब जश्न मनाया। वहीं, पूर्णाहुति के साथ शतचंडी महायज्ञ का भी समापन हो गया। एसओपी का पालन करते हुए लोगों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। इस दौरान सुरक्षा कड़ी रही।