मंगलवार देर रात को 95 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आए आंधी तूफान में व बारिश में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
मंगलवार देर रात को 95 किलोमीटर प्रति घंटा की तरफ रफ्तार से आए आंधी तूफान ने जिले के शहर व ग्रामीण इलाकों में एक बार फिर से जनजीवन को प्रभावित करने के साथ लोगों को नुकसान पहुंचाया है। सैकड़ों मकानों की टिन की छत तूफान में उड़ गई है। सैकड़ों की संख्या में पेड़ गिर गए हैं, जबकि दर्जनों गंभीर रूप से जख्मी हैं, जिनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। कई इलाकों में अभी तक बिजली गुल है।
रात करीब दस बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला और बादल छा गए। देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगी, जिन्होंने कुछ समय के बाद आंधी तूफान का रूप ले लिया। इसके कुछ समय के बाद जिले के शहर व ग्रामीण इलाकों में बिजली पूरी तरह से गुल हो गई। कुदरत का यह रूप देखकर डर के मारे अपने घरों में सहम कर बैठ गए। किसी ने भी बाहर निकलने की हिम्मत नहीं की।
करीब डेढ़ घंटे जिले के ज्यातादर हिस्सों में बारिश के तूफान चलता रहा। सैकड़ों की सख्या में पेड़ उखड़ कर या फिर क्षतिग्रस्त होकर जमीन पर आ गिरे। बिजली के पोल भी क्षतिग्रस्त होकर जमीन पर गिर पड़े। मकानों पर छत के लिए लगाई टिन निकल कर लोगों पर आ गिरी। इस प्राकृतिक आपदा में शहर के साथ लगते ग्रामीण इलाकों में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
बारटा गांव में सुभाष चंद्र व 12 वर्ष का दीपू टीन ऊपर गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया। रामनगर में सत्या देवी टिन गिरने से घायल हो गई। तीनों को फौरन जिला अस्पताल पहुंचाया गया। बट्टलबालिया में ओम प्रकाश व जगानू सुनाल में गणेश कुमार भी गंभीर रूप से घायल हो गए। इन दोनों को भी फौरन जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
कई इलाकों में रात से गुल हुई बिजली अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। कई इलाकाें में पेड़ गिरने के कारण मार्ग बंद हो गए थे। धार रोड पर गिरे पेड़ों को हटाने में सेना ने अहम भुमिका निभाई। बुधवार को सुबह होने पर जब लोगों ने शहर की मंजर देखा तो हैरान हर गए।