मरोठी में हुए भीषण सड़क हादसे का खौफ 24 घंटे बाद मंगलवार को भी बरकरार रहा। अभी तक इलाके में मातम का आलम है। इस बीच चिनैनी अस्पताल में भर्ती सात और मरीजों को जीएमसी रेफर कर दिया गया।
इनमें बचन लाल, वीना देवी, समित्री देवी, जोगिंदर सिंह, गिरधारी लाल व तारा चंद एक एक अन्य शामिल हैं। घायलों को इमरजेंसी में लाकर शुरुआती जांच करने के बाद अलग-अलग वार्डों में शिफ्ट कर दिया।
घायलों की आंखों के सामने अब भी खौफनाक मंजर छाया हुआ है। घायलों ने बताया कि बस पलक झपकते ही सब तहस-नहस हो गया और सब आगे-पीछे बिखर गए।
हादसे के दूसरे दिन भी अस्पताल में भर्ती घायल खौफनाक मंजर को भूल नहीं पा रहे हैं। चिनैनी अस्पताल में उपचाराधीन घायल संजय, कुलदीप, जोगिंद्र आदि ने कहा कि दुर्घटना की याद आते ही रोगटे खड़े हो जाते हैं।
उस वक्त की याद आते ही डर जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन लोगों ने मौत को करीब से देखा। सोमवार के उस पल कभी नहीं भूल सकते, जिसमें उनके कई साथी सदा के लिए बिछड़ गए। हादसे में घायल कुछ लोगों ने बताया कि वह भर्ती के लिए अखनूर जा रहे थे।
लाट्टी बस हादसे पर जांच पैनल
यातायात मंत्री अब्दुल गनी कोहली ने लाट्टी (उधमपुर) बस हादसे की जांच के लिए आरटीओ जम्मू को पैनल बनाने के निर्देश दिए हैं। पैनल एक हफ्ते में रिपोर्ट देगा, जिसमें हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने मोटर व्हीकल एक्ट का सख्ती से पालन करते हुए ओवरलोटिंग, तेज गाड़ी चलाने और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा। ट्रैफिक नियमों को दरकिनार करने वालों पर सख्ती की जाए।
इस बीच स्वास्थ्य मंत्री चौधरी लाल सिंह ने जीएमसी का दौरा कर हादसे के घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को घायलों को सभी उचित चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने के निर्देश दिए।