भद्रवाह में मंगलवार रात को नौशीन (पहली बर्फबारी) के चलते पहाड़ बर्फ की सफेद चादर में लिपट गए।
मंगलवार रात को जहां रियासत के अधिकांश हिस्सो में तेज आंधी के साथ बारिश हुई और ओले गिरे वहीं, तापमान में गिरावट होते ही भद्रवाह की ऊंची पहाड़ियां बुधवार सुबह होने तक बर्फ की सफेद चादर से ढक गईं। तापमान में काफी गिरावट होने से सुबह लोग अलाव जलाते हुए भी देखे गए।
बुधवार सुबह जब भद्रवाह में लोग सोकर उठे तो उन्हें ऊंची पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर में लिपटी मिलीं। कैलाश पर्वत, आधापत्ती ग्लेशियर, छात्र गल्ला दर्रा और अन्य पहाड़ियां बर्फ से ढक गई हैं। भद्रवाह में ठंड का मौसम वैसे तो छह से आठ माह का होता है। यहां दिसंबर से मार्च तक भारी हिमपात होता है।
उस समय कई इलाकों में दस से बारह फीट तक बर्फ पड़ जाती है। ज्यादा बर्फबारी होने पर लोग जम्मू पलायन कर जाते हैं। स्थानीय लोगों ने कहा है कि बर्फ पड़ने के बाद प्रशासन को अभी से इससे निपटने के लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।